Explore

Search

January 26, 2026 2:28 am

रायगढ़ जिले को मिला सख़्त लेकिन संवेदनशील पुलिस कप्तान:एसएसपी आईपीएस शशि मोहन सिंह – वर्दी में अनुशासन, कला में सामाजिक चेतना,अपराधियों के लिए काल

छत्तीसगढ़ ।रायगढ़ जिले को एक ऐसे वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का नेतृत्व मिला है, जिनकी पहचान केवल क़ानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं रही, बल्कि सामाजिक सरोकार, जनसंवाद और रचनात्मक सोच भी उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा रही है। शासन द्वारा आईपीएस शशि मोहन सिंह को रायगढ़ का वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे जशपुर जिले में एसएसपी के रूप में प्रभावी और परिणामोन्मुखी पुलिसिंग के लिए जाने गए।

शिक्षा और संघर्ष से गढ़ा व्यक्तित्व

आईपीएस शशि मोहन सिंह ने हिंदी विषय में स्नातकोत्तर तक शिक्षा प्राप्त की। प्रारंभिक जीवन में उन्होंने एक कॉलेज में लेक्चरर के रूप में भी सेवाएं दीं। शिक्षा के क्षेत्र से प्रशासनिक सेवा तक का उनका सफर परिश्रम और आत्मविश्वास का उदाहरण है।वर्ष 1996 में वे राज्य सेवा से डीएसपी बने और बाद में अपने कार्य और अनुभव के आधार पर भारतीय पुलिस सेवा में चयनित हुए।

मैदानी पुलिसिंग का लंबा अनुभव

लगभग तीन दशक की सेवा अवधि में उन्होंने ग्रामीण आदिवासी नक्सल प्रभावित और शहरी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। एसडीओपी एएसपी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसएसपी जैसे पदों पर रहते हुए उन्होंने अपराध नियंत्रण अनुशासन और जवाबदेही को प्राथमिकता दी।

जशपुर में एसएसपी रहते हुए उन्होंने पशु तस्करी मानव तस्करी नशा मुक्ति और संगठित अपराध के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई के साथ-साथ साइबर अपराध जागरूकता और जन-पुलिस संवाद को भी मजबूत किया।

वर्दी के साथ सिनेमा और साहित्य का संगम

आईपीएस शशि मोहन सिंह उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने पुलिस सेवा के साथ-साथ फ़िल्मों और रचनात्मक माध्यमों के जरिए सामाजिक संदेश देने का कार्य किया है।

उन्होंने कई छत्तीसगढ़ी और भोजपुरी फ़िल्मों में अभिनय किया है और सामाजिक विषयों पर आधारित शॉर्ट फ़िल्मों कजरी में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। यही नहीं उनकी फ़िल्मों में उनकी फ़िल्मों और रचनात्मक प्रयासों का उद्देश्य मनोरंजन से अधिक समाज में जागरूकता फैलाना रहा है चाहे वह नशा मुक्ति हो, मानव तस्करी का मुद्दा हो या युवा पीढ़ी को सही दिशा देने का संदेश।उनका मानना रहा है कि सिनेमा और कला जनमानस तक बात पहुंचाने का सशक्त माध्यम है, और इसी सोच के साथ वे रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े रहे।

मानवीय दृष्टिकोण और सामाजिक जुड़ाव

एक पुलिस अधिकारी होने के बावजूद उनका व्यवहार संवाद-प्रधान और संवेदनशील रहा है। वे युवाओं, विद्यार्थियों और सामाजिक संगठनों से संवाद को पुलिसिंग का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। यही कारण है कि जहां भी उनकी पोस्टिंग रही, वहां जनविश्वास मजबूत हुआ।

रायगढ़ से बड़ी उम्मीदें

औद्योगिक, खनिज और श्रमिक गतिविधियों से जुड़े रायगढ़ जिले में कानून-व्यवस्था के साथ सामाजिक संतुलन बड़ी चुनौती है। ऐसे में शशि मोहन सिंह का मैदानी अनुभव, प्रशासनिक समझ और रचनात्मक सोच जिले के लिए उपयोगी साबित होने की उम्मीद है।आईपीएस शशि मोहन सिंह एक ऐसे अधिकारी हैं, जिनकी पहचान सख़्त अनुशासन, मानवीय संवेदना और सामाजिक रचनात्मकता के संतुलन से बनी है। रायगढ़ में उनकी तैनाती से जिले में न केवल प्रभावी पुलिसिंग बल्कि सकारात्मक सामाजिक माहौल की भी अपेक्षा की जा रही है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS