बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर स्थित बॉक्सिंग रिंग में शराब और नॉनवेज पार्टी मामले में कार्रवाई की जानकारी रेलवे ने हाई कोर्ट में दी है। रेलवे के अफसर ने बताया, जांच पूरी होने के बाद वेतनमान में कटौती के अलावाअनुशासनात्मक सजा दी गई है। डिवीजन बेंच ने रेल अफसर के जवाब से संतुष्ट होकर जनहित याचिका निराकृत कर दिया है। बता दें, मीडिया में खबर प्रकाशित होने के बाद चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा ने स्वत: संज्ञान में लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई प्रारंभ की थी। अवकाश के दिन कोर्ट खुला और रेलवे के आला अफसरों को नोटिस जारी शपथपत्र के साथ जवाब मांगा गया था।
कोर्ट में प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में स्पोटर्स सेल सचिव समेत 12 कोच व खेल प्रभारियों के शामिल होने की बात सामने आई। एसईसीआर ने दो रेल कर्मियों के खिलाफ मेजर पेनल्टी चार्जशीट और 10 के खिलाफ माइनर चार्जशीट जारी करने की अनुशंसा के साथ कार्रवाई की है। इसके तहत दोषी कर्मचारियों के वेतनमान में कटौती की गई है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का बॉक्सिंग रिंग जहां खिलाड़ी अभ्यास करते हैं, वहां शराब पार्टी का वीडियो वायरल होने पर हाई कोर्ट ने संज्ञान लिया था। जांच में 12 खेल प्रभारी और कोच के शामिल होने की बात सामने आई थी। इनमें दो के खिलाफ मेजर चार्जशीट दी गई। श्रीकांत पाढ़ी (सचिव दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे स्पोर्ट्स सेल) और वाय नागू राव, टेक्निशयन-1 के खिलाफ मेजर चार्जशीट जारी की गई। सुभाष कुमार, टीसी, बी अनिल कुमार, एसडब्ल्यूआई, सुमित कुमार, टीसी, पी तुलसी राव, एसडब्ल्यूआई, विकास ठाकुर, एमटीएस, पुरेंद्र साहू, क्लर्क कम टाइपिस्ट, ओपी यादव, ओएस, पी ईश्वर राव, सीनियर जीटीएम, देवेंद्र यादव, एमटीएस, पीके तिवारी, सीएच, ओएस को माइनर चार्जशीट दी गई। याचिका की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने इसे घोर कदाचार मानते हुए कहा, ट्रेनिंग स्थल को शराब पार्टी की जगह बनाना अनुशासन और सार्वजनिक मर्यादा का खुला उल्लंघन है। इससे खेल स्थलों की पवित्रता को नुकसान पहुंचता है।
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