रायपुर, 11 मार्च 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर क्षेत्र में माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रही कार्रवाई को बड़ी सफलता बताते हुए कहा है कि अब बस्तर में बंदूक नहीं, बल्कि विश्वास की जीत हो रही है। उन्होंने कहा कि जगदलपुर में 3.29 करोड़ के इनामी 108 सशस्त्र माओवादी कैडरों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया है, जो क्षेत्र में शांति और विकास की दिशा में सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी कैडरों में 44 महिला सदस्य भी शामिल हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि बस्तर क्षेत्र में लोगों का भरोसा शांति और विकास की राह पर लगातार मजबूत हो रहा है।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति, सुरक्षा बलों के समन्वित प्रयास और बस्तर क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास कार्यों के कारण बड़ी संख्या में माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं। इससे क्षेत्र में शांति का वातावरण मजबूत हो रहा है और आम नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
उन्होंने इस सफलता के लिए सुरक्षा बलों के साहस, प्रशासन की सक्रियता और स्थानीय लोगों के सहयोग की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के लोग अब भय और हिंसा से मुक्त होकर विकास और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ना चाहते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार केंद्र सरकार के साथ समन्वय करते हुए नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन की दिशा में लगातार प्रयासरत है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य बस्तर सहित पूरे छत्तीसगढ को भयमुक्त, शांतिपूर्ण और विकसित बनाना है। इसके लिए सुरक्षा, विकास और विश्वास इन तीनों मोर्चों पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दोहराया कि भयमुक्त और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का अटल संकल्प है।
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