केंद्रीय मंत्री तोखन साहू बोले-दिव्यांग अंधकार नहीं, अवसर गढ़ते हैं
दिल्ली/छत्तीसगढ़ ।ब्रेल लिपि के आविष्कार की 200वीं वर्षगांठ के अवसर पर नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड की ओर से दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से आए सैकड़ों दृष्टिबाधित प्रतिभागियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा गणमान्य अतिथियों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने कहा कि ब्रेल लिपि केवल पढ़ने-लिखने का माध्यम नहीं बल्कि दृष्टिबाधितजनों की स्वतंत्रता स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक है। उन्होंने महान लुई ब्रेल के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि मात्र 15 वर्ष की आयु में विकसित छह बिंदुओं की यह प्रणाली अंधकार को चुनौती देने का माध्यम बनी और करोड़ों लोगों के जीवन में ज्ञान का प्रकाश पहुंचाया।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में दिव्यांगजनों को करुणा की दृष्टि से नहीं बल्कि राष्ट्र की शक्ति के रूप में देखा गया है। दिव्यांग शब्द उनके भीतर निहित दिव्य चेतना और विशेष क्षमताओं का सम्मान करता है। सरकार की नीतियों का मूल उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करना है।
उन्होंने बताया कि एक्सेसिबल इंडिया अभियान तथा स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सार्वजनिक स्थलों को अधिक सुलभ बनाया जा रहा है। टैक्टाइल पाथ ब्रेल सूचना पट्ट और बाधा-मुक्त ढांचे के माध्यम से दृष्टिबाधित नागरिकों की स्वतंत्र आवाजाही और सुविधाओं तक पहुंच सुनिश्चित की जा रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने 2016 में लागू दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत आरक्षण तथा उच्च शिक्षा में सुलभ व्यवस्था के माध्यम से समान अवसर का अधिकार मजबूत किया गया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांग युवा कलाकार और खिलाड़ी विकसित भारत @2047 के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आदर्श समाज वही है, जहां सभी नागरिकों को समान अवसर प्राप्त हों। ब्रेल के बिंदुओं पर चलती उंगलियां केवल अक्षर नहीं पढ़तीं बल्कि एक आत्मनिर्भर और समावेशी भारत का भविष्य गढ़ती हैं।

केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने नेशनल फेडरेशन ऑफ द ब्लाइंड को इस ऐतिहासिक आयोजन के लिए बधाई दी और सभी प्रतिभागियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सर्व-समावेशी भारत के निर्माण का संकल्प दोहराया।
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