“प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से जरूरतमंदों को न केवल आवास, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य भी सुनिश्चित किया जा रहा है”

रायपुर,प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का उद्देश्य ऐसे निर्धन एवं जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराना है, जो अब तक कच्चे अथवा जर्जर मकानों में जीवन यापन कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में इस योजना के माध्यम से लोगों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है।
जिला सूरजपुर के जनपद पंचायत प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत जजावल निवासी अकालू, पिता भुवाली, के जीवन में इस योजना के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन आया है। पूर्व में आत्मसमर्पित नक्सली रहे अकालू ने समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। शासन की विशेष पुनर्वास परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उन्हें पक्का आवास स्वीकृत किया गया, जिससे उनके जीवन को नई दिशा मिली है।
आवास निर्माण के पश्चात अब अकालू और उनका परिवार कच्चे व असुरक्षित मकान की चिंता से मुक्त हो गया है। योजना के अंतर्गत प्राप्त आर्थिक सहायता से निर्मित पक्का मकान उन्हें सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण प्रदान कर रहा है। अकालू का कहना है कि इस योजना से न केवल उन्हें आवास मिला है, बल्कि समाज में नई पहचान और आत्मविश्वास भी प्राप्त हुआ है।
आत्मसमर्पण के पश्चात पुनर्वास की दिशा में मिला यह सहयोग उनके लिए एक नई शुरुआत के समान है। यह कहानी न केवल एक व्यक्ति के जीवन में आए सकारात्मक बदलाव को दर्शाती है, बल्कि यह भी प्रमाणित करती है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं सही मार्ग चुनने वालों के लिए आशा और विश्वास का संबल बन रही हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के माध्यम से जरूरतमंदों को न केवल आवास, बल्कि सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
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