बिलासपुर। विधि एवं न्याय मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाई कोर्ट में केंद्र सरकार के मामले मुकदमों में सरकार की ओर से पक्ष रखने के लिए वरिष्ठ पैनल लॉयरों की नियुक्ति कर दी है। यह नियुक्ति तीन साल के लिए होगी। विधि मंत्रालय ने बिलासपुर हाई कोर्ट से कहा है, पुराने पैनल लॉयर से केंद्र से संंबंधित मुकदमों की फाइलें वापस लेकर इनको सौंप दें।
विधि एवं न्याय मंत्रालय ने अपने आदेश में लिखा है, राष्ट्रपति ने अधिवक्ताओं को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर में केंद्र सरकार के मुकदमों (कर संबंधी मामलों को छोड़कर) का संचालन करने के लिए इस आदेश की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए नियुक्त किया गया है।
भूपेंद्र नारायण सिंह, रमाकांत पांडे, अन्नपूर्णा तिवारी, उमाकांत सिंह चंदेल, अजित कुमार सिंह, मनोज कुमार मिश्रा, सतीश गुप्ता, किशन लाल साहू, हेमंत केशरवानी, एमएस. अनमोल शर्मा, रूप राम, माने नाथ ठाकुर, अंकुर कश्यप, मांडवी भारद्वाज, हिमांशु पांडे, रघुवीर प्रताप सिंह, सागर सोनी्र अजय कुमार पांडे, रविकर पटेल, प्रमोद श्रीवास्तव, पी. चेतन कुमार, अरविन्द पटेल, त्रिवेनी शंकर साहू, भारत कुमार गुलाबानी, प्रज्ञा पांडे, अभिषेक बंजारे, अमितेश कुमार पांडे, अंजू श्रीवास्तव, विद्या भूषण सोनी, अमन केशरवानी, शाल्विक तिवारी, सुचित्रा बाईस, सौरभ चौबे, अमन ताम्रकार की नियुक्ति की गई है.
भारत सरकार विधि एवं न्याय मंत्रालय, विधिक मामलों का विभाग द्वारा जारी नियुक्ति आदेश में यह भी लिखा है, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ के उप एसजीआई से अनुरोध है कि वे छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के पूर्ववर्ती पैनल वकीलों से केंद्र सरकार के मुकदमों से संबंधित सभी केस फाइलें वापस ले लें और उन्हें उपरोक्त रूप से नियुक्त पैनल वकीलों को पुनः आवंटित कर दें।
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