
“प्रवीण झा ने कहा अयोध्या यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीयन अनिवार्य ,श्रद्धालुओं की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा उनका स्वस्थ होना जरूरी ,एक परिवार से अधिकतम दो लोगों को ही अनुमति ,पंजीयन के समय दो पासपोर्ट साइज फोटो और आधार कार्ड की छायाप्रति जमा करना अनिवार्य ,बिना पंजीयन किसी को यात्रा में शामिल नहीं किया जाएगा”
बिलासपुर। मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम की जन्मभूमि अयोध्या से बिलासपुर की आस्था एक बार फिर सजीव होने जा रही है। रामनवमी के पावन अवसर पर 25 मार्च को बिलासपुर से 1008 रामभक्तों का भव्य जत्था अयोध्या धाम के लिए रवाना होगा। यह निशुल्क यात्रा रामभक्त एवं समाजसेवी प्रवीण झा के संयोजन में आयोजित की जा रही है, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। यात्रा के लिए पंजीयन प्रक्रिया 1 मार्च से प्रारंभ होगी।
यात्रा के संयोजक राम भक्त प्रवीण झा ने बताया कि यह अयोध्या धाम यात्रा लगातार तीसरे वर्ष आयोजित की जा रही है। अब तक 2016 श्रद्धालु प्रभु श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं। इस वर्ष भी 1008 भक्तों का जत्था अयोध्या के लिए रवाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा पूरी तरह निशुल्क रहेगी, लेकिन पंजीयन अनिवार्य होगा।

प्रवीण झा ने बताया कि पंजीयन 1 मार्च से प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक पुलिस मैदान में किया जाएगा। यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होना आवश्यक है तथा उनका पूर्णतः स्वस्थ होना अनिवार्य रहेगा। एक परिवार से अधिकतम दो लोगों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी। पंजीयन के समय दो पासपोर्ट साइज फोटो एवं आधार कार्ड की छायाप्रति जमा करनी होगी। पिछले वर्ष वेटिंग सूची में रहे श्रद्धालुओं को इस बार प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि 25 मार्च को सुबह 11 बजे पुलिस ग्राउंड से यात्रा का शुभारंभ होगा। इस वर्ष यात्रा के लिए 25 बसें एवं 10 कारें रवाना की जाएंगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, भोजन एवं सुरक्षा की समुचित व्यवस्था की जाएगी। सभी यात्रियों को निर्धारित वाहनों से ही यात्रा करनी होगी।
प्रवीण झा ने कहा कि यह यात्रा केवल अयोध्या दर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि बिलासपुर की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आस्था को अयोध्या से जोड़ने वाला एक सशक्त सेतु बन चुकी है। प्रेस वार्ता में यात्रा कार्यक्रम सहयोगी प्रफुल शर्मा, राम प्रताप सिंह, रौशन सिंह, रिंकू मित्रा एवं राजीव अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
यात्रा में पंजीयन के नियम
अयोध्या यात्रा में शामिल होने के लिए पंजीयन अनिवार्य है। श्रद्धालुओं की आयु 18 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए तथा उनका स्वस्थ होना जरूरी है। एक परिवार से अधिकतम दो लोगों को ही अनुमति दी जाएगी। पंजीयन के समय दो पासपोर्ट साइज फोटो और आधार कार्ड की छायाप्रति जमा करना अनिवार्य होगा। बिना पंजीयन किसी को यात्रा में शामिल नहीं किया जाएगा।
कब और कहां होगा पंजीयन
यात्रा के लिए पंजीयन प्रक्रिया 1 मार्च से पुलिस मैदान में प्रारंभ होगी। प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 10:30 बजे तक पंजीयन किया जाएगा। सीमित सीटों के कारण पहले आओ–पहले पाओ के आधार पर नाम दर्ज किए जाएंगे।
25 मार्च को ऐसे निकलेगा जत्था
रामभक्तों का जत्था 25 मार्च को सुबह 11 बजे पुलिस ग्राउंड से अयोध्या धाम के लिए रवाना होगा। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा, भोजन और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था रहेगी। अनुशासन और सामूहिक आस्था इस यात्रा की पहचान होगी।
बिलासपुर से अयोध्या का आध्यात्मिक रिश्ता
बिलासपुर की धार्मिक परंपराओं में रामभक्ति की गहरी छाप रही है। वर्षों से रामनवमी, रामायण मंडली और भक्ति यात्राओं की परंपरा यहां जीवित है। अयोध्या यात्रा ने इस सांस्कृतिक संबंध को और अधिक मजबूत किया है। आयोजकों का मानना है कि यह यात्रा केवल दर्शन नहीं, बल्कि पीढ़ियों को भारतीय संस्कृति और श्रीराम के आदर्शों से जोड़ने का आध्यात्मिक अभियान बन चुकी है।
प्रधान संपादक


