“पुलिस एवं यातायात पुलिस को सभी रपटों और कॉजवे पर मजबूत बैरिकेडिंग करने तथा जलमग्न सड़कों और पुलों पर वाहनों एवं पैदल यात्रियों के आवागमन पर ‘जीरो क्रॉसिंग’ नीति का सख्ती से पालन कराने के निर्देश”
“कलेक्टर ने सर्पदंश रोधी एंटीवेनम, क्लोरीन टैबलेट और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने तथा रैपिड रिस्पांस मेडिकल टीमों को 24 घंटे तैयार रखने को कहा”
बिलासपुर, 18 जुलाई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा आगामी 48 से 72 घंटों के दौरान जिले में आकाशीय बिजली, गरज-चमक एवं भारी वर्षा की चेतावनी के मद्देनज़र कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संजय अग्रवाल ने आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धारा 30 एवं 34 के तहत व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सभी विभागों को अलर्ट मोड पर रखते हुए जनजीवन की सुरक्षा एवं संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के अनुसार जिले के सभी शासकीय, अशासकीय एवं अनुदान प्राप्त निजी विद्यालयों (कक्षा पहली से बारहवीं तक) तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में 18 जुलाई को नियमित शैक्षणिक गतिविधियां स्थगित रहेंगी। हालांकि संस्था प्रमुख, शिक्षक एवं प्रशासनिक कर्मचारी विद्यालयों में उपस्थित रहेंगे। विद्यालय भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, अभिलेखों को सुरक्षित रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर विद्यालयों को अस्थायी राहत शिविर के रूप में तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कलेक्टर अग्रवाल ने जिला एवं ब्लॉक स्तर पर नियंत्रण कक्षों को तत्काल सक्रिय करने, नदी तटों एवं निचले इलाकों में ग्राम कोटवारों के माध्यम से सार्वजनिक चेतावनी जारी करने तथा जल संसाधन विभाग को बांधों के जलस्तर की प्रति घंटे निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के गांवों को पानी छोड़े जाने से कम से कम तीन घंटे पूर्व सूचना देना अनिवार्य किया गया है। बिना सक्षम अनुमति नदी में पानी छोड़ने पर रोक लगाई गई है।
पुलिस एवं यातायात पुलिस को सभी रपटों और कॉजवे पर मजबूत बैरिकेडिंग करने तथा जलमग्न सड़कों और पुलों पर वाहनों एवं पैदल यात्रियों के आवागमन पर ‘जीरो क्रॉसिंग’ नीति का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग को सभी सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में प्राथमिक उपचार सामग्री, सर्पदंश रोधी एंटीवेनम, क्लोरीन टैबलेट और आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण रखने तथा रैपिड रिस्पांस मेडिकल टीमों को 24 घंटे तैयार रखने को कहा गया है।
नगरीय प्रशासन एवं जनपद पंचायतों को जलभराव वाले क्षेत्रों में उच्च क्षमता वाले डी-वॉटरिंग पंप तैनात करने तथा नालियों एवं प्रमुख जल निकासी मार्गों की तत्काल सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने और किसी भी मौसमजनित आपात स्थिति से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम तैयार रखने को कहा गया है।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें, आकाशीय बिजली के दौरान पेड़ों एवं कमजोर संरचनाओं के नीचे शरण न लें तथा नदियों, बांधों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहें।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि आपातकालीन एवं अनिवार्य सेवाओं से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों के अवकाश तत्काल प्रभाव से निरस्त रहेंगे। सभी अधिकारी-कर्मचारी अपने मुख्यालय में उपस्थित रहेंगे तथा सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। आदेश की अवहेलना या आपदा प्रबंधन कार्यों में लापरवाही बरतने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 की धाराओं 51 से 60 तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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