बिलासपुर। उसलापुर में रहने वाले एक बुजुर्ग ने आत्महत्या का प्रयास करते हुए एक साथ छह ब्लेड निगल लिए। ब्लेड गले में फंस जाने से उनकी स्थिति गंभीर हो गई। समय रहते परिजनों ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां सिम्स की ईएनटी विभाग की टीम ने करीब दो घंटे चले जटिल आपरेशन में सभी ब्लेड निकालकर उनकी जान बचा ली। फिलहाल बुजुर्ग की हालत स्थिर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार उसलापुर निवासी 74 वर्षीय केपी मिश्रा ने रविवार की सुबह आत्महत्या की नीयत से छह ब्लेड निगल लिए। ब्लेड गले में फंस जाने से उन्हें कुछ भी खाने या थूक निगलने में परेशानी होने लगी। धीरे-धीरे खून निकलना शुरू हो गया। इस पर परिजन घबराकर उन्हें तत्काल सिम्स अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल के ईएनटी विभाग में पदस्थ डॉ. विद्याभूषण साहू ने बताया कि जब मरीज को लाया गया, तब उसकी हालत बेहद गंभीर थी। पूछताछ में मरीज कुछ बताने के बजाय केवल मरने की बात कर रहा था। डॉक्टरों ने तुरंत एक्स-रे कराया, जिसमें स्पष्ट हुआ कि गले में छह ब्लेड फंसे हुए हैं। स्थिति की गंभीरता देखते हुए उन्होंने विभागाध्यक्ष डॉ. आरती पांडेय और एनेस्थीसिया विभाग की प्रमुख डॉ. मधुमिता मूर्ति को सूचना देकर आपरेशन की तैयारी शुरू कर दी। करीब दो घंटे तक चले आपरेशन में डॉ. आरती पांडेय, डॉ. विद्याभूषण साहू, डॉ. दीपांजली, डॉ. महादेव बारसे, डॉ. शीतल और डॉ. मधुमिता मूर्ति की टीम ने ब्लेड निकालने का जटिल कार्य किया। डॉक्टरों ने बताया कि गले के अंदर ब्लेड फंसे रहने से थोड़ी सी भी चूक जानलेवा साबित हो सकती थी, लेकिन समय पर उपचार और टीम वर्क की बदौलत मरीज की जान बचा ली गई। डॉ. साहू ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे मरीज को भर्ती कराया गया था। गले में फंसे ब्लेड से लगातार खून निकल रहा था। थोड़ी सी देरी होती तो मरीज की जान भी जा सकती थी। ऐसे में तुरंत वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम बनाकर आपरेशन का निर्णय लिया गया। फिलहाल मरीज को आईसीयू में रखा गया है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है। चिकित्सकों का कहना है कि उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर है।
प्रधान संपादक


