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March 13, 2026 12:42 am

हाई कोर्ट ने जूनियर को प्रभारी प्राचार्य बनाए जाने के आदेश को किया निरस्त

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कोरबा जिले के करतला विकासखंड स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कनकी में प्रभारी प्राचार्य पद पर जूनियर शिक्षक की नियुक्ति को अनुचित ठहराते हुए जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा 18 जुलाई 2024 को जारी आदेश को निरस्त कर दिया है। इस आदेश के खिलाफ वरिष्ठ व्याख्याता बी.एन. यादव द्वारा दायर याचिका को न्यायालय ने स्वीकार करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी की कार्रवाई को नियम विरुद्ध माना।
बी.एन. यादव वर्ष 2023 से विद्यालय में प्रभारी प्राचार्य के रूप में कार्यरत थे। कुछ अनियमितताओं की शिकायतों के आधार पर जिला शिक्षा अधिकारी ने उन्हें हटाकर उनके स्थान पर कनिष्ठ व्याख्याता सी.एल. पटेल को प्रभारी प्राचार्य नियुक्त किया था। इस निर्णय को बी.एन. यादव ने अधिवक्ताओं मतीन सिद्दीकी और घनश्याम कश्यप के माध्यम से हाई कोर्ट में चुनौती दी।

कोर्ट ने कहा- वरिष्ठता और योग्यता का पालन आवश्यक:
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष यह तर्क रखा कि शासन के सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 16 मई 2012, 7 फरवरी 2013 तथा 14 जुलाई 2014 को जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रभारी प्राचार्य की जिम्मेदारी वरिष्ठता और योग्यता के आधार पर दी जानी चाहिए। ऐसे में कनिष्ठ अधिकारी को वरिष्ठ अधिकारी के ऊपर नियुक्त करना नियमों का उल्लंघन है। न्यायमूर्ति बी.डी. गुरु की एकलपीठ ने उक्त तर्कों से सहमति जताते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासनिक पदों पर नियुक्ति में वरिष्ठता और योग्यता का पालन आवश्यक है। इस आधार पर कोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी का आदेश रद्द कर दिया और याचिका को स्वीकार कर लिया।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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