
10-11 जनवरी 2027 को होगा आयोजन, नराकास वर्धा की बैठक में लिया निर्णय
CBN36 वर्धा, 13 अक्टूबर। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा और बैंक ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में 10 एवं 11 जनवरी 2027 को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय राजभाषा संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। यह निर्णय मंगलवार को विश्वविद्यालय के कुलपति कार्यालय स्थित संवाद कक्ष में आयोजित नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वर्धा की छमाही बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने की। इस अवसर पर बैंक ऑफ इंडिया की सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) मऊ मैत्रा विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
बैठक में राजभाषा हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन और सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के माध्यम से हिंदी को प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ ज्ञान, तकनीक और वैश्विक विमर्श की भाषा के रूप में स्थापित करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
कुलपति प्रो. कुमुद शर्मा ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि देश की सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय एकात्मता की सशक्त अभिव्यक्ति है। सरकारी कार्यालयों में हिंदी का सहज और प्रभावी प्रयोग बढ़ाने के साथ इसे ज्ञान, तकनीक तथा वैश्विक विमर्श की भाषा के रूप में विकसित करना भी आवश्यक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी इस दिशा में सार्थक भूमिका निभाएगी।
बैंक ऑफ इंडिया की सहायक महाप्रबंधक (राजभाषा) मऊ मैत्रा ने कहा कि बैंकों और केंद्र सरकार के कार्यालयों में राजभाषा हिंदी का प्रभावी क्रियान्वयन संस्थागत दायित्व है। इस तरह के संयुक्त आयोजन अधिकारियों और कर्मचारियों को हिंदी में कार्य करने के लिए प्रोत्साहित करने के साथ राजभाषा के क्षेत्र में अपनाई जा रही श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
बैठक में वर्धा, पुलगांव और देवली स्थित केंद्र सरकार के विभिन्न कार्यालयों के प्रमुखों एवं राजभाषा प्रभारियों ने सहभागिता की। बैठक का संचालन नराकास वर्धा के सदस्य सचिव राजेश कुमार यादव ने किया।
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