सीसीआरएस की निगरानी में हुआ हाईस्पीड ट्रायल, सुरक्षा और सवारी गुणवत्ता का किया गया आकलन
CBN36 कोटा, 13 अक्टूबर। भारतीय रेलवे ने 16 कोच वाली नव-निर्मित वंदे भारत चेयर कार ट्रेनसेट का 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उच्च गति परीक्षण किया। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल में मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त सीसीआरएस की निगरानी में हुए इस परीक्षण का उद्देश्य तेज गति पर ट्रेन की स्थिरता, तकनीकी कार्यक्षमता और यात्रियों की सवारी गुणवत्ता का आकलन करना था।

रेल कोच फैक्ट्री आरसीएफ कपूरथला में निर्मित इस ट्रेनसेट में एल्सटॉम की उन्नत प्रोपल्शन प्रणाली लगाई गई है। परीक्षण के दौरान ट्रेन को अधिकतम 180 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चलाकर उसके प्रदर्शन और सुरक्षा संबंधी पहलुओं की जांच की गई। ट्रेन की प्रस्तावित परिचालन गति 160 किलोमीटर प्रति घंटा है।
मथुरा-नागदा खंड पर हुआ परीक्षण
परीक्षण कोटा मंडल के अंतर्गत मथुरा-नागदा खंड में निर्धारित निर्देशों और परिचालन व्यवहार्यता के अनुसार किया गया। इस दौरान उच्च गति पर ट्रेन के गतिशील व्यवहार, स्थिरता और यात्रियों को मिलने वाली सवारी गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया। तकनीकी आंकड़े जुटाने के लिए ऑसिलेशन मॉनिटरिंग सिस्टम (ओएमएस) के माध्यम से रिकॉर्डिंग भी की गई। इन आंकड़ों के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुरूप ट्रेनसेट के प्रदर्शन का विश्लेषण किया जाता है।
160 किमी की गति से संचालन की दिशा में कदम
इस ट्रेनसेट के 160 किलोमीटर प्रति घंटे तक परिचालन के लिए अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) पहले ही अंतिम गति प्रमाणपत्र जारी कर चुका है। अब मुख्य रेल संरक्षा आयुक्त की निगरानी में किया गया परीक्षण वैधानिक संरक्षा स्वीकृति प्रक्रिया की दिशा में महत्वपूर्ण चरण है।
रेलवे में आधुनिक तकनीक से लैस यात्री ट्रेनों के विकास के साथ उनकी सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। उच्च गति परीक्षण से प्राप्त तकनीकी आंकड़े ट्रेनसेट की क्षमता और निर्धारित मानकों के अनुरूप उसके प्रदर्शन के आकलन में सहायक होंगे।
प्रधान संपादक