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October 13, 2026 11:17 pm

अवैध रेत परिवहन मामले में दो आरोपियों को 3-3 साल का कठोर कारावास, 52 हजार रुपये जुर्माना

“कोटा थाने में दर्ज हुआ था अपराध क्रमांक 684/2025; विशेष न्यायालय ने सुनाया फैसला, जब्त रेत शासन के पक्ष में राजसात”

CBN36 बिलासपुर, 13 अक्टूबर 2026। अवैध रेत परिवहन के मामले में बिलासपुर स्थित विशेष न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों पर अलग-अलग 26-26 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। इस तरह कुल 52 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। मामले में कोटा थाने में अपराध दर्ज कर पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की थी।

विशेष प्रकरण क्रमांक 8/2025, सीएनआर क्रमांक CGBI010076662025 में विशेष न्यायाधीश, खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957, बिलासपुर के पीठासीन अधिकारी सिराजुद्दीन कुरैशी ने 13 अक्टूबर 2026 को निर्णय सुनाया। मामले में छत्तीसगढ़ राज्य की ओर से लोक अभियोजक दाऊ चंद्रवंशी ने पैरवी की, जबकि आरोपियों की ओर से अधिवक्ता राहुल गोस्वामी उपस्थित हुए।

जून 2025 की घटना, जुलाई में दर्ज हुई एफआईआर

न्यायालयीन अभिलेख के अनुसार, प्रकरण कोटा थाना क्षेत्र से संबंधित है। मामले में अपराध की तारीख 16 जून 2025 दर्ज है, जबकि एफआईआर 4 जुलाई 2025 को दर्ज की गई। अभियोग पत्र 26 अगस्त 2025 को प्रस्तुत किया गया। प्रकरण की सुनवाई के बाद न्यायालय ने 9 अक्टूबर 2026 को निर्णय सुरक्षित रखा और 13 अक्टूबर 2026 को फैसला सुनाया।

इस मामले में सुरेंद्र कुमार कुर्रे, पिता सुखराम कुर्रे, उम्र 39 वर्ष, निवासी तुर्काडीह, थाना कोनी, जिला बिलासपुर तथा विजय बघेल, पिता बलीराम बघेल, उम्र 47 वर्ष, निवासी नरोतीकापा, थाना कोटा, जिला बिलासपुर को आरोपी बनाया गया था।

भारतीय न्याय संहिता के तहत तीन वर्ष की सजा

न्यायालय ने दोनों आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 303(2) सहपठित धारा 3(5) के तहत दोषसिद्ध ठहराते हुए तीन-तीन वर्ष के कठोर कारावास और एक-एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर प्रत्येक आरोपी को 15 दिन का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

इसके अतिरिक्त, छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम, 2015 के नियम 71 तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 4(1) और 4(1क) के उल्लंघन के संबंध में धारा 21 के तहत दोनों आरोपियों पर अलग-अलग 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। इस राशि का भुगतान नहीं करने पर प्रत्येक आरोपी को 15 दिन का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।

इस प्रकार प्रत्येक आरोपी पर कुल 26 हजार रुपये और दोनों पर मिलाकर 52 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

अपराध की गंभीरता के साथ सामाजिक परिस्थितियों पर भी विचार

सजा निर्धारित करते समय न्यायालय ने अपराध की प्रकृति और गंभीरता के साथ आरोपियों की सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थितियों पर भी विचार किया। आदेश में अभियुक्तों को ग्रामीण, अल्पशिक्षित और निम्न वर्गीय कृषक बताया गया है। न्यायालय ने इन परिस्थितियों को अपराध की गंभीरता के साथ संतुलित रूप से विचार में लेते हुए दंड निर्धारित किया।

जब्त रेत शासन के पक्ष में राजसात

न्यायालय ने प्रकरण में जब्त रेत को राज्य शासन के पक्ष में राजसात करने का आदेश दिया है। राजसात के बाद प्राप्त राशि को कोषालय में जमा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

आदेश के अनुसार, ट्रैक्टर क्रमांक CG-10-AV-9417 आरोपी सुरेंद्र कुमार कुर्रे के सुपुर्दनामे पर तथा ट्रॉली क्रमांक CG-10-BU-2339 आरोपी विजय बघेल के सुपुर्दनामे पर है। अपील अवधि समाप्त होने के बाद अपील नहीं किए जाने की स्थिति में सुपुर्दनामे निरस्त किए जाएंगे। अपील होने पर जब्त संपत्तियों का निराकरण अपीलीय न्यायालय के निर्णय के अनुसार किया जाएगा।

छह माह तक प्रभावी रहेंगे जमानत-मुचलके

न्यायालय ने आदेश में उल्लेख किया है कि दोनों आरोपी जमानत पर हैं। उनके पूर्व में दिए गए जमानत-मुचलकों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 481 के प्रावधानों के अनुसार निर्णय की तारीख से आगामी छह माह तक प्रभावी रखने का आदेश दिया गया है।

निर्णय की निःशुल्क प्रति आरोपियों को देने तथा सत्यप्रतिलिपि जिला दंडाधिकारी, बिलासपुर और लोक अभियोजक को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अवैध रेत परिवहन के इस मामले में सुनाए गए फैसले में न्यायालय ने दोनों आरोपियों को कारावास और अर्थदंड से दंडित करने के साथ जब्त रेत को शासन के पक्ष में राजसात करने का आदेश दिया है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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