रक्षा-सूत्र अभियान से राष्ट्रप्रेम का संदेश, तृषा और रेणुका के नवाचार पहुंचे राष्ट्रीय स्तर पर
CBN36 बिलासपुर,बिल्हा। बिल्हा विकासखंड के विद्यार्थियों ने एक ओर रक्षाबंधन के अवसर पर देश की सीमाओं पर तैनात वीर जवानों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए 4100 राखियां एवं शुभकामना संदेश भेजकर राष्ट्रप्रेम की मिसाल पेश की है, वहीं विज्ञान एवं नवाचार के क्षेत्र में भी ब्लॉक की दो प्रतिभावान छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर पर चयनित होकर बिलासपुर और छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। विद्यार्थियों की इन दोनों उपलब्धियों से शिक्षा विभाग, विद्यालय परिवार और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है।
सैनिकों के लिए विद्यार्थियों ने तैयार किए 4100 रक्षा-सूत्र

भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ की ओर से संचालित ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान के तहत बिल्हा विकासखंड के विभिन्न शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों ने देश की सीमाओं पर तैनात सैनिकों के लिए 4100 राखियां और शुभकामना संदेश तैयार किए। विद्यार्थियों ने स्वयं राखियां बनाकर उनमें सैनिकों के प्रति सम्मान, स्नेह, कृतज्ञता और शुभकामनाओं से भरे संदेश लिखे हैं। इन राखियों एवं संदेशों को अभियान के माध्यम से सीमाओं पर तैनात जवानों तक पहुंचाया जाएगा। विकासखंड के विद्यालयों में यह अभियान 15 अगस्त तक जारी रहेगा।
कार्यक्रम में सहायक राज्य आयुक्त (स्काउट), भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ राजेश सौंथालिया बंटी जिला मुख्य आयुक्त, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, बिलासपुर राजेंद्र साहू तथा डॉ. पूनम सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस दौरान विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती दीप्ति गुप्ता एवं श्री मुकेश अग्रवाल ने विभिन्न विद्यालयों से संकलित राखियां एवं शुभकामना संदेश भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के प्रतिनिधियों को सौंपे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों ने कहा कि भारतीय सैनिक कठिन परिस्थितियों में देश की सीमाओं की सुरक्षा करते हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर विद्यार्थियों की ओर से भेजे गए रक्षा-सूत्र उनके प्रति पूरे समाज के सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक हैं। ऐसे अभियान बच्चों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन, सेवा, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करते हैं।
विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक ने अभियान में शामिल सभी विद्यालयों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों का यह प्रयास केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति उनकी भावनात्मक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना, मानवीय संवेदना और सामाजिक मूल्यों का विकास करना भी है।
विज्ञान के क्षेत्र में भी बिल्हा की बेटियों ने रचा इतिहास
इसी बीच बिल्हा विकासखंड की दो छात्राओं का भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) की प्रतिष्ठित इन्स्पायर मानक(नेशनल लेवल एक्ज़ीबिशन एंड प्रोजेक्ट कम्पटीशन -एनएलपीईसी 2024-25) के राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन हुआ है। यह उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं की वैज्ञानिक सोच और नवाचार क्षमता को राष्ट्रीय मंच मिलने का उदाहरण है।
राष्ट्रीय स्तर पर चयनित छात्राओं में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिजौर की तृषा कुमारी कमलेश तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देव्रीखुर्द की रेणुका धनुहार शामिल हैं।
वेदरगार्ड स्मार्टबैग से किताबों की सुरक्षा
तृषा कुमारी कमलेश ने “वेदरगार्ड स्मार्टबैग ” नामक अभिनव प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसका उद्देश्य बारिश एवं नमी जैसी प्रतिकूल मौसमी परिस्थितियों से विद्यार्थियों की किताबों, कॉपियों और आवश्यक शैक्षणिक सामग्री को सुरक्षित रखना है। तृषा के इस नवाचार का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
थूकने पर बजेगा अलार्म
रेणुका ने “Wallmounted Spit Detection and Alarm System” नामक नवाचार तैयार किया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर थूकने जैसी अस्वच्छ आदतों की पहचान कर तत्काल चेतावनी देना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
रेणुका के अनुसार इस सिस्टम में दीवार पर दो गैल्वेनाइज्ड आयरन की जालियां करीब 2 मिलीमीटर के अंतराल पर लगाई जाती हैं। जैसे ही कोई व्यक्ति वहां थूकता है और लार दोनों जालियों को जोड़ती है, सर्किट पूरा हो जाता है और तेज अलार्म बजने लगता है। इसका उद्देश्य लोगों को तत्काल चेतावनी देकर सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने से रोकना है। परीक्षण के बाद इस सिस्टम को बस स्टैंड, स्कूल और सरकारी कार्यालयों जैसे सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने की योजना है।
राष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी तकनीकी मदद
इन्स्पायर मानक योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को नवाचार का मॉडल या प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि DBT के माध्यम से प्रदान की जाती है। राष्ट्रीय स्तर यानी NLPEC तक पहुंचने वाले विद्यार्थियों को वैज्ञानिक एवं तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों की ओर से विशेष मेंटरशिप, तकनीकी मार्गदर्शन और आवश्यक वित्तीय सहयोग भी उपलब्ध कराया जाता है।
राष्ट्रीय स्तर पर चयनित श्रेष्ठ नवाचारों को उत्पाद विकास, पेटेंट कराने तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रदर्शित करने के अवसर भी प्राप्त होते हैं।
शिक्षकों और अधिकारियों ने दी बधाई

दोनों छात्राओं की उपलब्धि पर विकासखंड शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र कौशिक, इन्स्पायर अवार्ड प्रभारी मुकेश अग्रवाल, सहायक खंड शिक्षा अधिकारी श्रीमती दीप्ति गुप्ता, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देव्रीखुर्द की प्राचार्या श्रीमती परगनिया, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बिजौर के प्राचार्य सीके धृतलहरे, समन्वयक धर्मेंद्र पांडे, योगेश पांडे सहित दोनों विद्यालयों के शिक्षक परिवार ने छात्राओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
अधिकारियों ने कहा कि बिल्हा की छात्राओं का राष्ट्रीय स्तर पर चयन पूरे विकासखंड के लिए गौरव की बात है। यह उपलब्धि अन्य विद्यार्थियों को भी विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
ये रहे मौजूद

रक्षा-सूत्र अभियान के दौरान प्राचार्य श्रीमती अलका गांगुली, बीआरसी देवी प्रसाद चंद्राकर, सुनील पाण्डेय, वीरेन्द्र अजित कुजूर, राकेश शुक्ला, देवनारायण यादव, राम द्विवेदी, योगेंद्र वर्मा, विकास साहू, जिला संगठन आयुक्त (गाइड) श्री संतोष त्रिपाठी, जिला प्रशिक्षण आयुक्त (स्काउट) श्री देवव्रत मिश्रा, एएलटी (स्काउट) सुश्री कौशल्या साहू, अकाउंटेंट श्री अशोक क्षत्री, सूर्या केवट, प्रदीप जयसवाल, सौरभ मजूमदार, धर्मेंद्र राजपूत, रश्मि महेश यादव सहित भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के पदाधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी और शिक्षकगण उपस्थित रहे।
बिल्हा विकासखंड के विद्यार्थियों की इन दोनों उपलब्धियों ने यह संदेश दिया है कि राष्ट्रप्रेम और वैज्ञानिक सोच साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं। एक ओर विद्यार्थियों ने सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए रक्षा-सूत्र भेजे, तो दूसरी ओर छात्राओं ने अपने नवाचार के जरिए राष्ट्रीय मंच पर क्षेत्र की पहचान बनाई है। इन उपलब्धियों से क्षेत्र के विद्यार्थियों में देशसेवा, विज्ञान और नवाचार के प्रति नई ऊर्जा और उत्साह पैदा होने की उम्मीद है।
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