
सामान्य मामलों को 60 दिन में निपटाने पर जोर, आदतन अपराधियों पर धारा 129 BNSS में कार्रवाई के निर्देश
CBN36 रायगढ़। पुलिस नियंत्रण कक्ष में शनिवार को आयोजित क्राइम मीटिंग में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने जिले में अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने गंभीर अपराधों का प्राथमिकता के साथ निराकरण करने, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी तेज करने और सामान्य मामलों को 60 दिन के भीतर निपटाने को कहा। साथ ही जुआ-सट्टा, अवैध शराब और नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
बैठक में जुलाई माह में जिले के विभिन्न थानों में अपराध नियंत्रण के लिए चलाए गए अभियानों की समीक्षा की गई। इस दौरान अवैध प्रवासियों की जांच, ऑपरेशन आघात, ऑपरेशन शंखनाद, ऑपरेशन क्लीन हंट, ऑपरेशन अंकुश और अभियान संवेदना के तहत हुई कार्रवाई के आंकड़ों की भी समीक्षा की गई।
होटल और मकान मालिकों की जानकारी ‘समाधान ऐप’ में कराने के निर्देश
एएसपी ने कहा कि बाहरी तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखना अपराध नियंत्रण के लिए जरूरी है। कई बार बाहरी लोग चोरी, लूट समेत अन्य वारदातों को अंजाम देकर फरार हो जाते हैं। ऐसे में होटल संचालकों और मकान मालिकों को अपने यहां ठहरने वाले लोगों और किरायेदारों की जानकारी रखना जरूरी है। थाना प्रभारियों को अभियान चलाकर यह जानकारी ‘समाधान ऐप’ पर अपलोड कराने के लिए लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
महिला और बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतें
बैठक में महिला और बच्चों से संबंधित अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। एएसपी ने कहा कि किसी भी थाना क्षेत्र में जुआ-सट्टा संगठित रूप से नहीं चलना चाहिए। अवैध गतिविधियों की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई में ग्रामीणों का सहयोग लेने और पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए।
2025 और 2026 के अपराधों की तुलना
क्राइम मीटिंग में वर्ष 2025 और 2026 के पहले सात महीनों में दर्ज अपराधों, पुलिस कार्रवाई और निराकरण की स्थिति की तुलनात्मक समीक्षा की गई। जिन थानों में प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और लघु अधिनियम के तहत कार्रवाई अपेक्षाकृत कम मिली, वहां कार्रवाई बढ़ाने को कहा गया।

एएसपी ने सभी थानों के लंबित गंभीर अपराधों की एक-एक कर समीक्षा की। अपराध लंबित रहने के कारणों पर थाना प्रभारियों और विवेचकों से चर्चा कर जल्द निराकरण के निर्देश दिए। लंबित मर्ग और शिकायतों को भी समय सीमा में निपटाने को कहा गया।
आदतन अपराधियों पर होगी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई
संदिग्ध और आदतन अपराधियों के खिलाफ प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। एएसपी ने आदतन बदमाशों के खिलाफ धारा 129 BNSS (पूर्व में धारा 110 CrPC) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। इसका उद्देश्य अपराध की पुनरावृत्ति पर अंकुश लगाना है।
CCTNS में हर जरूरी एंट्री समय पर करें
एएसपी ने कहा कि पुलिस मुख्यालय स्तर पर जिलों के कार्यों की लगातार समीक्षा की जाती है। अपराध दर्ज होने के बाद उसके निराकरण की निर्धारित समयसीमा का पालन जरूरी है। सामान्य अपराधों का 60 दिन के भीतर निराकरण करने और इसकी आवश्यक प्रविष्टि CCTNS में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए। गंभीर मामलों में भी तय समयसीमा का विशेष ध्यान रखते हुए विवेचना में तेजी लाने को कहा गया।
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