छत्तीसगढ़ ।गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही क्षेत्र में हुए चर्चित अपहरण और फिरौती कांड का पुलिस ने तीन दिनों के भीतर खुलासा करते हुए एक बड़े आपराधिक गिरोह का पर्दाफाश किया है। अपहृत युवक को सकुशल मुक्त करा लिया गया है, जबकि तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मरवाही थाना क्षेत्र के ग्राम उषाढ़ निवासी गिरीश यादव का 20 जून को हथियारबंद बदमाशों ने कथित रूप से पुलिस कार्रवाई का झांसा देकर अपहरण कर लिया था। आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी जैसा प्रदर्शित करने के लिए वाहन में पुलिस लिखी प्लेट और नीली बत्ती का इस्तेमाल किया। अपहरण के बाद परिजनों से 20 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई और रकम नहीं देने पर युवक की हत्या करने की धमकी दी गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी रेंज बिलासपुर रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन तथा पुलिस अधीक्षक मनोज खिलारी के निर्देशन में विशेष जांच दल गठित किया गया। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, डिजिटल ट्रैकिंग और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लगातार कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय स्तर पर आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया।
सघन जांच और समन्वित अभियान के बाद पुलिस ने अपहृत गिरीश यादव को सुरक्षित बरामद कर लिया। साथ ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन तथा पुलिस लिखी प्लेट और नीली बत्ती लगी स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह एक सुनियोजित फिरौती कांड प्रतीत हो रहा है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है।
मरवाही पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में हाल के वर्षों की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है, जिसने न केवल एक युवक की जान बचाई बल्कि क्षेत्र में सक्रिय संगठित अपराध के नेटवर्क पर भी बड़ा प्रहार किया है।
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