
युवा मंच में मुख्यमंत्री साय बोले- सरगुजा से बस्तर तक लक्ष्य आधारित विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध, उद्योगों में 8 लाख करोड़ के एमओयू का दिखने लगा असर
CBN36 रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के बाद छत्तीसगढ़ अब विकास की नई रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। सरगुजा से लेकर बस्तर तक पूरे प्रदेश के लक्ष्य केंद्रित विकास के लिए सरकार संकल्पित है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद प्रदेश के विकास में बड़ी बाधा था, लेकिन सुरक्षाबलों के जवानों के साहस और केंद्र व राज्य सरकार के प्रयासों से अब छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त हो चुका है।
मुख्यमंत्री शनिवार को राजधानी रायपुर के महोबा बाजार स्थित एक निजी होटल में आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज की ओर से आयोजित युवा मंच कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले विशिष्टजनों को सम्मानित भी किया।
नक्सलवाद खत्म होने से बस्तर में विकास की राह खुली
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार के गठन के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में हुई बैठक में यह सामने आया था कि देश में शेष नक्सल समस्या का अधिकांश हिस्सा छत्तीसगढ़ में था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति से नक्सलवाद के खात्मे की समयसीमा तय की गई। इसके बाद सुरक्षाबलों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए प्रदेश को नक्सलमुक्त बनाने में सफलता हासिल की।
पर्यटन में छत्तीसगढ़ की अपार संभावनाएं
साय ने कहा कि प्रदेश में पर्यटन के विकास की अपार संभावनाएं हैं। बस्तर का चित्रकोट जलप्रपात अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में शामिल किया है। यहां बंबू राफ्टिंग जैसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं और होम स्टे के जरिए पर्यटकों को ठहरने की सुविधा मिल रही है।
उन्होंने कहा कि पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई उद्योग नीति में पर्यटन को भी शामिल किया गया है।
युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। पीएससी में भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। अब पीएससी समेत सभी भर्ती परीक्षाएं पारदर्शिता के साथ आयोजित की जा रही हैं। इससे युवाओं और उनके अभिभावकों का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा बढ़ा है।
उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं के साथ लगातार संवाद कर रही है। विकास की नीति बनाने में युवाओं के सुझाव महत्वपूर्ण हैं और सरकार उनके सुझावों का स्वागत करती है।
आदिवासी क्षेत्रों में विकास पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ आदिवासी बहुल राज्य है। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान में प्रदेश के छह हजार गांवों को शामिल किया गया है। प्रदेश में पांच विशेष पिछड़ी जनजातियां निवास करती हैं। इनके उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
बस्तर में बनेगी एजुकेशन सिटी
साय ने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र है। प्रदेश में हर स्तर पर स्कूल संचालित हैं और हर ब्लॉक में कॉलेज हैं। नक्सलमुक्त बस्तर में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। इसके लिए बजट में प्रावधान किया गया है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में ट्राइबल यूनिवर्सिटी स्थापित करने का भी प्रयास किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के जनजातीय विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा का बेहतर अवसर मिल सके।
पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। पांच नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें कुल 250 सीटें स्वीकृत हुई हैं और इसी वर्ष से पढ़ाई शुरू होने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि बस्तर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बन चुका है, जहां ब्रेन ट्यूमर का भी इलाज हो रहा है। मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया है और 40 हजार लोगों का उपचार किया गया है।
8 लाख करोड़ के एमओयू, रोजगार पर जोर
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश की नई उद्योग नीति के तहत करीब आठ लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए हैं। इनका असर अब जमीन पर भी दिखाई देने लगा है। सेमीकंडक्टर प्लांट, एआई डाटा सेंटर और टेक्सटाइल सेक्टर में काम चल रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे उद्यमियों के लिए विशेष इंसेंटिव का प्रावधान किया गया है, जो एक हजार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराएंगे। बरसात के बाद रोजगार मेला आयोजित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न उद्योगों में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे।
धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण रोकने के लिए सख्त कानून लाया गया है। प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है। अन्य राज्यों के कानूनों का अध्ययन करने के बाद प्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य विधेयक लाया गया है।कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के पदाधिकारी तथा गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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