गौ सेवा और संरक्षण का संदेश देकर विदा हुए गणपति, गाजे-बाजे के बीच विसर्जन पर भावुक हुए समिति सदस्य
CBN36 बिलासपुर। तिलक नगर में पिछले 15 वर्षों से ‘दीक्षित चाल के राजा’ गणेश उत्सव श्रद्धा, सेवा और सामाजिक सरोकारों का संदेश दे रहा है। इस वर्ष भी गणेश उत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया गया। उत्सव की थीम ‘गौ सेवा एवं गौ संरक्षण’ रखी गई थी। पंडाल की आकर्षक सजावट और संदेशों के माध्यम से श्रद्धालुओं को गौ माता की सेवा और संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया।
दीक्षित चाल गणेश उत्सव समिति की ओर से प्रतिवर्ष भगवान श्री गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित की जाती है। इस दौरान हवन-पूजन, भंडारा और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पंडाल में ‘गौ माता की रक्षा हम सबकी जिम्मेदारी’ जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को गौ सेवा के प्रति जागरूक किया गया। समिति ने श्रद्धालुओं से गौ सेवा एवं संरक्षण के कार्यों में सहयोग करने की अपील भी की।
शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए जय कौशिक का सम्मान
गणेश उत्सव के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए राज्यपाल शिक्षक सम्मान से सम्मानित जय कौशिक का सम्मान किया गया। समिति की ओर से कहा गया कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान से बिलासपुर सहित छत्तीसगढ़ का नाम गौरवान्वित हुआ है। इसके अलावा सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को भी सम्मानित किया गया।
हर साल सामाजिक संदेश को बनाते हैं उत्सव का हिस्सा
समिति के सदस्यों ने बताया कि ‘दीक्षित चाल के राजा’ के माध्यम से पिछले 15 वर्षों से धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष किसी महत्वपूर्ण सामाजिक विषय को उत्सव की थीम बनाकर लोगों को जागरूक किया जाता है। समिति का उद्देश्य धार्मिक आयोजन के साथ समाज में सेवा, करुणा और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता की भावना को बढ़ावा देना है।
गाजे-बाजे के साथ दी गणपति को विदाई
उत्सव के समापन पर भगवान श्री गणेश की प्रतिमा को गाजे-बाजे और जयघोष के बीच विसर्जन के लिए ले जाया गया। ‘गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ’ के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा। वर्षों से गणेश उत्सव से जुड़े समिति के सदस्य और श्रद्धालु गणपति की विदाई के दौरान भावुक नजर आए। सेवा और संकल्प के साथ समिति सदस्यों ने भगवान गणेश को विदाई दी।
आयोजन को सफल बनाने में राजीव, शैलेश दीक्षित, शलभ दीक्षित, सुधांशु, योगेश दीक्षित, देवेश, सतीश दीक्षित, शुभम चिंटू, प्रकाश, पार्थ, सृष्टि, नंदिता, प्रिया, अनिमेष, समिति अध्यक्ष हसनेल, डॉ. महेंद्र साहू और विजय तिवारी सहित समिति के सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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