
जल संरक्षण कार्यों की गुणवत्ता पर दिया जोर, अधिकारियों को नियमित फील्ड निरीक्षण के निर्देश
CBN36 बलौदाबाजार।प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और ग्रामीण विकास से जुड़े निर्माण कार्यों की हकीकत जानने के लिए आयुक्त वीबी-जीरामजी और संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण तारण प्रकाश सिन्हा ने शुक्रवार को बलौदाबाजार जिले के विभिन्न गांवों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जानकारी ली।
आयुक्त ने जनपद पंचायत बलौदाबाजार की ग्राम पंचायत बेमेतरा और जनपद पंचायत पलारी की ग्राम पंचायत सितदेवरी में विकास कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत बने मकानों का निरीक्षण किया। आवास पूरा कर चुके हितग्राहियों को प्रतीकात्मक रूप से खुशियों की चाबी भी सौंपी। हितग्राहियों से आवास निर्माण में मिली सहायता, निर्माण की गुणवत्ता और आवास मिलने के बाद जीवन में आए बदलाव के बारे में जानकारी ली।
जल संरक्षण कार्यों का भी लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने जल सुरक्षा श्रेणी के तहत निर्मित और प्रगतिरत कार्यों को भी देखा। नवीन तालाब, अमृत सरोवर, सैंड फिल्टर आधारित बोरवेल रिचार्ज संरचना और चेकडैम निर्माण की तकनीकी गुणवत्ता और उपयोगिता की समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल संरक्षण और भू-जल पुनर्भरण से जुड़े कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इनका चयन स्थानीय जरूरत, कैचमेंट क्षेत्र, जलधारण क्षमता और भविष्य की उपयोगिता को ध्यान में रखकर किया जाए।
ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सुनी समस्याएं
आयुक्त ने ग्रामीणों के साथ जमीन पर बैठकर सहज माहौल में बातचीत की। उन्होंने आवास, रोजगार, विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीणों के अनुभव और सुझाव सुने। मैदानी अमले को निर्देश दिया कि ग्रामीणों की वास्तविक जरूरतों के आधार पर ग्राम सभा से अनुमोदित कार्ययोजना के अनुसार प्राथमिकता तय कर काम कराए जाएं।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से समझौता नहीं
इसके बाद जिला पंचायत सभाकक्ष में विभागीय समीक्षा बैठक हुई। इसमें मनरेगा सहित प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। आयुक्त ने स्वीकृत कार्यों की गुणवत्ता, समय पर पूर्णता, श्रमिक नियोजन, तकनीकी मापदंडों के पालन और पारदर्शिता पर विशेष जोर दिया।
उन्होंने कहा कि फील्ड निरीक्षण को नियमित कार्यप्रणाली का हिस्सा बनाया जाए। किसी भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता से समझौता नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण संरचनाओं के जरिए अधिकतम वर्षाजल संचयन, भू-जल स्तर में सुधार और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी जल उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में परिणाममूलक काम किया जाए।
रोजगार के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण लक्ष्य
आयुक्त ने कहा कि ग्रामीण विकास योजनाओं का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गांवों में टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण, जल सुरक्षा मजबूत करना, प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना भी है। योजना के तहत स्वीकृत प्रत्येक कार्य का प्रत्यक्ष लाभ ग्रामीण समुदाय को दिखाई देना चाहिए।
निरीक्षण और समीक्षा के दौरान सीईओ जिला पंचायत दिव्या अग्रवाल समेत संबंधित जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारी, तकनीकी अमला और पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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