डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी-यूपीआई फ्रॉड और फर्जी लिंक से सतर्क रहने की अपील
CBN36 रायगढ़। साइबर अपराधों की रोकथाम और लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस का प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान जारी है। अभियान के तहत रविवार को भूपदेवपुर पुलिस ने मुख्य मार्ग पर लोगों को एकत्रित कर साइबर ठगी के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपाय बताए। स्कूल, स्थानीय प्लांट और ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रमों के बाद अब पुलिस ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में लोगों से सीधे संवाद कर रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिसकर्मियों ने बताया कि साइबर ठग बैंक कॉल, केवाईसी अपडेट, ओटीपी, यूपीआई फ्रॉड, फर्जी लिंक, क्यूआर कोड, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, ऑनलाइन नौकरी और निवेश के नाम पर ठगी, फर्जी कस्टमर केयर तथा डिजिटल अरेस्ट जैसे तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। पुलिस ने लोगों से बैंक खाते की जानकारी, ओटीपी, एटीएम/सीवीवी, यूपीआई पिन और पासवर्ड किसी अनजान व्यक्ति से साझा नहीं करने की अपील की।
पैसे लेने के लिए यूपीआई पिन की जरूरत नहीं
पुलिस ने विशेष रूप से समझाया कि यूपीआई पिन केवल भुगतान करते समय दर्ज किया जाता है। पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआई पिन की आवश्यकता नहीं होती। अनजान व्यक्ति के भेजे लिंक पर क्लिक करने, एपीके या अनजान एप डाउनलोड करने और बिना जानकारी के क्यूआर कोड स्कैन करने से भी बचने की सलाह दी गई।
डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराएं तो रहें सतर्क
पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के बढ़ते मामलों को लेकर भी लोगों को जागरूक किया। बताया गया कि ठग पुलिस, सीबीआई, ईडी, आरबीआई या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल करते हैं और गिरफ्तारी का भय दिखाकर पैसे की मांग करते हैं। ऐसी स्थिति में घबराने के बजाय कॉल समाप्त कर संबंधित विभाग या पुलिस से आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। किसी सरकारी एजेंसी की ओर से फोन या वीडियो कॉल पर किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट कर पैसे जमा कराने की प्रक्रिया नहीं होती।
सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से सावधानी बरतने, निजी फोटो-वीडियो और गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने तथा संदिग्ध प्रोफाइल और लिंक से दूरी बनाए रखने की भी अपील की गई।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें कॉल
पुलिस ने कहा कि ऑनलाइन खरीदारी, नौकरी, लोन, निवेश, बीमा, लॉटरी या आकर्षक ऑफर के नाम पर आए संदेशों पर बिना जांच के भरोसा नहीं करना चाहिए। साइबर ठगी होने पर बिना देर किए 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करने और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई। साथ ही संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था को तत्काल सूचना देकर संदिग्ध लेनदेन रोकने का प्रयास करने को कहा गया।
27 सितंबर से 2 अक्टूबर तक गांवों में लगेगी साइबर चौपाल
साइबर जागृति अभियान का सातवां सप्ताह 27 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा। इस दौरान रायगढ़ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में साइबर चौपाल लगाकर लोगों से सीधे संवाद किया जाएगा। चौपाल में डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, ओटीपी-यूपीआई फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध और ऑनलाइन ठगी के तरीकों की जानकारी देकर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए जागरूक किया जाएगा।
प्रधान संपादक




