
नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने से कई मार्ग बंद, पुलिस-एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमें दिन-रात जुटीं
CBN36 दुर्ग। जिले में लगातार हो रही बारिश के कारण शिवनाथ, खारुन सहित विभिन्न नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कई स्थानों पर जलभराव और पुल-पुलियों के ऊपर पानी बहने से आवागमन प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए दुर्ग पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की संयुक्त टीमों ने दिन-रात राहत एवं बचाव अभियान चलाया। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर फंसे 400 से अधिक लोगों को सुरक्षित बाहर निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।
महादेव घाट, पुलगांव, कोही, महामारा-कोही, बोरी-ननकट्टी, समुद्रा नाला सहित कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण मार्गों पर आवागमन रोक दिया गया। पुलिस ने संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेडिंग कर यातायात बंद कराया और लोगों से सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की।
अमलेश्वर में राहत शिविरों में ठहराए गए लोग

अमलेश्वर क्षेत्र में बनाए गए राहत शिविरों में बड़ी संख्या में प्रभावित लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया। निषाद घर अमलेश्वर में 71, ग्राम बोथली के पंचायत क्षेत्र में 80 और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी अमलेश्वर में 20 लोगों को रखा गया। वहीं ग्राम जमराव में पंचायत भवन में 10, प्राथमिक शाला में 16 और निषाद भवन में 4 लोगों को ठहराया गया।
इन मार्गों पर आवागमन बंद

महादेव घाट में आमलेश्वर से रायपुर मार्ग पर पुल के ऊपर पानी बहने के कारण बैरिकेडिंग कर आवागमन बंद किया गया। कोही पुल और महामारा-कोही क्षेत्र में पुल-पुलिया जलमग्न होने से यातायात बाधित रहा। शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने से बोरी-ननकट्टी मार्ग भी बंद किया गया।
खारुन नदी के भाटपारा क्षेत्र में पानी के प्रवेश के साथ पुल-पुलियों पर पानी बहने की स्थिति बनी। पुलगांव में शिवनाथ नदी की निचली पुलिया पूरी तरह जलमग्न रही। गणेश विसर्जन के लिए पहुंचने वाले लोगों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
समुद्रा नाला क्षेत्र में जलस्तर बढ़ने से मार्ग पर पानी भर गया। बेमेतरा-राजनांदगांव मार्ग पर घोड़ागोड़खी पुल के ऊपर पानी बहने के कारण यातायात बंद किया गया। धमधा-तितुरघाट मार्ग पर सड़क जलमग्न होने और नाले के ऊपर पानी बहने से मार्ग बंद रहा। ननकट्टी से दुर्ग आने-जाने वाला बोरी-ननकट्टी मार्ग भी तेज जलप्रवाह के चलते बंद किया गया।
एसपी और कलेक्टर ने किया प्रभावित क्षेत्रों का दौरा

बाढ़ और जलभराव की स्थिति को देखते हुए पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर ने संयुक्त रूप से विभिन्न प्रभावित क्षेत्रों का मैदानी निरीक्षण किया। अधिकारियों ने जलस्तर, यातायात और राहत-बचाव कार्यों की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक राहत सामग्री पहुंचाने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस, एसडीआरएफ और प्रशासन की टीमों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए।
राहत अभियान के दौरान पुलिस की पेट्रोलिंग टीमों, एसडीआरएफ जवानों और प्रशासन की मैदानी टीमों ने लगातार प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित निकाला। जरूरत वाले स्थानों पर राहत सामग्री भी पहुंचाई गई।
पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि नदी, नाला, पुल-पुलिया और जलभराव वाले स्थानों पर अनावश्यक रूप से न जाएं। तेज बहाव वाले पानी में सड़क या पुल पार करने का प्रयास न करें। जिन मार्गों पर पुलिस या प्रशासन ने बैरिकेड लगाकर आवागमन बंद किया है, वहां से न जाएं और सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें। बाढ़ या जलभराव में किसी व्यक्ति के फंसे होने की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस या प्रशासन को सूचना दें।
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