CBN36 जांजगीर-चांपा। मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फंसाने और डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर बुजुर्ग से 32 लाख रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को जांजगीर-चांपा साइबर पुलिस ने पंजाब से गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस, सीबीआई और टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बनकर पीड़ित को धमकाता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड और अन्य सामग्री जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, जांजगीर निवासी तुषारकर देवांगन ने साइबर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके मोबाइल नंबर के मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में इस्तेमाल होने की बात कहकर पहले टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी बनकर फोन किया गया। इसके बाद कोलाबा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने और सीबीआई कार्रवाई का डर दिखाया गया। बाद में अलग-अलग नंबरों से पुलिस, सीबीआई और टेलीकॉम अथॉरिटी के अधिकारी बनकर फोन किए गए।
आरोपियों ने पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किए जाने की बात कहकर भयभीत किया और पुलिस से सेटिंग कराने के नाम पर 32 लाख रुपये की रकम अपने खातों में जमा करा ली। करीब 24 घंटे से अधिक समय तक पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट के नाम पर डराया गया। कुछ दिनों बाद जब आरोपियों ने मोबाइल नंबर बंद कर दिए, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने परिजनों को जानकारी दी।
मामले में साइबर थाना जांजगीर में अपराध क्रमांक 649/2025 के तहत धारा 318(4), 3(5) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने उन बैंक खातों की जानकारी जुटाई, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई थी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम पंजाब पहुंची और ग्राम बल्लोवाल, थाना जोधा, जिला लुधियाना निवासी शरणप्रीत सिंह उर्फ सन्नी सिंह (27) को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार करते हुए अपने बैंक खाते में ठगी की रकम प्राप्त करना बताया। आरोपी के पेश करने पर बैंक खाते से लिंक मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, पैन कार्ड और घटना में प्रयुक्त मोबाइल हैंडसेट को गवाहों की मौजूदगी में जब्त किया गया। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
दो माह में 17 साइबर ठगी के आरोपी गिरफ्तार
साइबर जागृति अभियान के तहत जांजगीर-चांपा साइबर थाना द्वारा साइबर अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, पिछले दो माह में साइबर ठगी के 17 आरोपियों और उनसे जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस ने किया लोगों को जागरूक
जांजगीर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कानून में ‘डिजिटल अरेस्ट’ नाम की कोई व्यवस्था नहीं है और पुलिस किसी व्यक्ति को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स सप्लाई या किसी अन्य अपराध में फंसाने की धमकी देकर खुद को सीबीआई, पुलिस, टेलीकॉम अथॉरिटी, एयरपोर्ट या नेवी का अधिकारी बताकर पैसे मांगता है तो उसके झांसे में न आएं। ऐसे मामलों में तुरंत कॉल काटकर संबंधित विभाग या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
पुलिस ने कहा कि डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करने का यह साइबर अपराधियों का नया तरीका है। लोगों को सतर्क और जागरूक रहकर साइबर ठगी से बचना चाहिए।
कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा, निरीक्षक अशोक वैष्णव, सउनि विवेक सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, हेड कांस्टेबल विवेक सिंह और आरक्षक शाहबाज का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
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