CBN36 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग में वरिष्ठता की अनदेखी कर कनिष्ठ अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक और कमांडेंट जैसे उच्च पदों का प्रभार दिए जाने के मामले में बिलासपुर हाई कोर्ट ने राज्य शासन के आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने राज्य सरकार सहित प्रभार पाने वाले आठ कनिष्ठ अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर 2026 को होगी।
याचिकाकर्ता ऋचा मिश्रा वर्तमान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं। याचिका में उन्होंने बताया है कि संबंधित वरिष्ठता एवं प्रावीण्य सूची में उनका नाम 35वें क्रम पर है। इसके बावजूद राज्य शासन ने 20 जुलाई 2026 को जारी आदेश के तहत उनसे कनिष्ठ अधिकारियों को पुलिस अधीक्षक और कमांडेंट के पदों का प्रभार सौंप दिया। वहीं, याचिकाकर्ता को उप-कमांडेंट के पद पर पदस्थ किया गया।
राज्य शासन के इस आदेश को चुनौती देते हुए ऋचा मिश्रा ने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका दायर की। याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि राज्य शासन के 14 जुलाई 2014 के परिपत्र में स्पष्ट व्यवस्था है कि वरिष्ठ अधिकारी को दरकिनार कर कनिष्ठ अधिकारी को उच्च पद का प्रभार नहीं सौंपा जा सकता। इसके बावजूद 20 जुलाई 2026 के आदेश में वरिष्ठता क्रम की अनदेखी की गई।
अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वरिष्ठता में ऊपर होने के बावजूद याचिकाकर्ता को अपेक्षाकृत कनिष्ठ पद पर पदस्थ करना मनमाना है और यह राज्य शासन की स्वयं की नीति के विपरीत है।
राज्य शासन की ओर से पैरवी कर रहे महाधिवक्ता कार्यालय के विधि अधिकारी ने जवाब प्रस्तुत करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा। कोर्ट ने समय देते हुए संबंधित आदेश के क्रियान्वयन पर अगली सुनवाई तक अंतरिम रोक लगा दी। मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है।
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