
बिलासपुर। शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से बनाए गए कुछ ढांचे अब लोगों की सुरक्षा के लिए चुनौती बनते जा रहे हैं। व्यापार विहार से रेलवे स्टेशन जाने वाले बारह खोली मार्ग पर स्थित डिवाइडर लगातार सड़क दुर्घटनाओं का कारण बन रहा है। यह डिवाइडर बिलासपुर रेलवे स्टेशन जाने का मार्ग है, इसके बावजूद यहां सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की कमी बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार इस डिवाइडर से टकराकर वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। दिन के समय वाहन चालक किसी तरह डिवाइडर को देख लेते हैं, लेकिन रात में पर्याप्त रिफ्लेक्टर, फ्लोरोसेंट मार्किंग और चेतावनी संकेतकों के अभाव में यह दुर्घटना का कारण बन जाता है।
आसपास के लोगों और क्रेन ऑपरेटरों का कहना है कि इस स्थान पर लगभग प्रतिदिन कोई न कोई वाहन दुर्घटना का शिकार होता है। रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्री और उनके परिजन भी कई बार इसकी चपेट में आ चुके हैं। दुर्घटनाओं में वाहनों को नुकसान पहुंचने के साथ ही लोगों को चोटें भी आई हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समस्या केवल संकेतकों की कमी तक सीमित नहीं है, बल्कि डिवाइडर की बनावट और स्थिति भी सवालों के घेरे में है। उनका मानना है कि सड़क की दिशा और वाहन चालकों की दृश्य सीमा को ध्यान में रखकर इसकी डिजाइन तैयार नहीं की गई, जिससे बाहरी और नए वाहन चालक अक्सर भ्रमित हो जाते हैं।
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद अब तक प्रभावी सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जाने पर लोग संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि यदि किसी स्थान पर बार-बार हादसे हो रहे हैं तो उसका तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधार किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि यह स्थान रेलवे प्रशासन के महत्वपूर्ण कार्यालयों के निकट स्थित है। ऐसे में यहां सुरक्षा उपायों की कमी और लगातार हो रही दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।
स्थानीय लोगों की मांग
नागरिकों ने संबंधित विभाग से डिवाइडर का तकनीकी ऑडिट कराने, पर्याप्त रिफ्लेक्टर और हाई-विजिबिलिटी चेतावनी संकेत लगाने तथा डिजाइन में खामी पाए जाने पर आवश्यक संशोधन करने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़कों का उद्देश्य यातायात को सुरक्षित बनाना है, इसलिए दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थानों पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
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