घरघोड़ा पुलिस की त्वरित कार्रवाई, दो आरोपी न्यायिक रिमांड पर
रायगढ़। जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में अमानत में खयानत और धोखाधड़ी का गंभीर मामला सामने आया है। होटल संचालिका से किराये के नाम पर ट्रेलर वाहन लेकर उसके डाला को बेचने और इंजन को भी ठिकाने लगाने की कोशिश कर रहे दो आरोपियों को घरघोड़ा पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। आरोपियों के कब्जे से ट्रेलर का इंजन बरामद किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ग्राम कंचनपुर निवासी 48 वर्षीय मीना चौहान ने 7 फरवरी को थाना घरघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि दो वर्ष पूर्व रायगढ़ निवासी अकबर खान से 16 लाख रुपये में पुराना ट्रेलर वाहन क्रमांक CG-13-LA-4176 खरीदा था, जो टाटा फाइनेंस कंपनी से फायनेंस था। बीमा और अन्य दस्तावेज लंबित होने के कारण वाहन होटल के सामने खड़ा था।
इसी दौरान घरघोड़ा क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट कंपनियों में सुपरवाइजर का काम करने वाला परमेश्वर चौहान उनसे संपर्क में आया और दस्तावेज बनवाने तथा प्रति माह 85 हजार रुपये किराया देने का झांसा देकर ट्रेलर ले गया। 20 जनवरी को वह अपने साथी लीलाम्बर प्रसाद चौहान के साथ होटल पहुंचा और कुछ दिन वाहन चलाकर देखने की बात कहकर ट्रेलर ले जाया गया।
कुछ दिनों बाद आरोपी का मोबाइल बंद हो गया। संदेह होने पर पीड़िता ने ट्रेलर में लगे जीपीएस के माध्यम से लोकेशन ट्रैक की, जिससे वाहन का स्थान लैलूंगा क्षेत्र के कुंजारा में मिला। 5 फरवरी को मौके पर पहुंचने पर ट्रेलर का केवल इंजन खड़ा मिला, जबकि डाला गायब था।
मामले में थाना घरघोड़ा में अपराध क्रमांक 43/2026 धारा 318(4), 316(2), 316(3), 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक कुमार गौरव साहू के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश देकर आरोपी परमेश्वर चौहान निवासी ग्राम बैसकीमुड़ा एवं लीलाम्बर प्रसाद चौहान निवासी ग्राम खेडआमा, थाना लैलूंगा को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि ट्रेलर का डाला लगभग 22 जनवरी को बिलासपुर में बेच दिया गया था तथा इंजन को बेचने की तैयारी में कुंजारा क्षेत्र में खड़ा किया गया था। पुलिस ने ट्रेलर का इंजन जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक खेमराज पटेल, प्रधान आरक्षक अरविंद पटनायक, आरक्षक हरीश पटेल एवं उद्धोराम पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में धोखाधड़ी और संपत्ति संबंधी अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है।
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