निरीक्षण के दौरान जब एसएसपी ने बीट आरक्षकों से पूछा कि वे किस प्रकार क्षेत्र में पुलिस की दृश्यता बढ़ा रहे हैं और अपराधों की रोकथाम के लिए क्या प्रयास कर रहे हैं

बिलासपुर।जिले में पुलिस की दृश्यता बढ़ाने और जनसुरक्षा को और मजबूत करने के उद्देश्य से लागू की गई नवीन बीट प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन और आकलन के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं फील्ड में नजर आए। पुलिस उपमहानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर शुरू की गई इस प्रणाली के तहत शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक बीट में तीन शिफ्ट में 24×7 ड्यूटी, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 8-8 घंटे की दो शिफ्ट निर्धारित की गई है। संचालन को सुव्यवस्थित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया SOP भी तैयार की गई है।

इसी क्रम में एसएसपी रजनेश सिंह द्वारा सरकंडा सिविल लाइन एवं कोनी थाना क्षेत्र के विभिन्न बीटों का भ्रमण कर मौके पर व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। सरकंडा थाना अंतर्गत बीट क्रमांक 01 नूतन चौक बीट क्रमांक 03 चिंगराजपारा एवं बीट क्रमांक 04 मोपका में तैनात जवानों से सीधे संवाद कर बीट प्रणाली के उद्देश्य गठन एवं कार्यप्रणाली के संबंध में जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने बीट आरक्षकों से पूछा कि वे किस प्रकार क्षेत्र में पुलिस की दृश्यता बढ़ा रहे हैं और अपराधों की रोकथाम के लिए क्या प्रयास कर रहे हैं। जवानों द्वारा बताया गया कि बीट प्रणाली के तहत आम जनता से निरंतर संपर्क क्षेत्र में बाहरी व्यक्तियों एवं मुसाफिरों की जानकारी प्रारंभिक अपराध सूचना का संकलन तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

एसएसपी ने बीट रजिस्टरों का अवलोकन करते हुए निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पूर्व में चोरी अथवा असामाजिक गतिविधियों की घटनाएं हुई हैं, वहां और अधिक सघन पेट्रोलिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बीट आरक्षकों को छोटे-छोटे समूहों में स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर बीट प्रणाली की जानकारी देने तथा पुलिस की हमेशा उपलब्धता का भरोसा दिलाने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान यह भी निर्देशित किया गया कि अधिकारी स्वयं बीट क्षेत्रों में जाकर आम जनता से संवाद करें, उनकी समस्याएं सुनें और त्वरित समाधान का प्रयास करें, ताकि पुलिस और जनता के बीच विश्वास और समन्वय और मजबूत हो।

एसएसपी ने कहा कि आदर्श बीट प्रणाली में जिन व्यवस्थाओं और कार्यों की अपेक्षा होती है उन्हें चरणबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जा रहा है। आने वाले समय में बीट में तैनात आरक्षकों को क्षेत्र के लोग पहचानने लगेंगे, जिससे पुलिस की उपलब्धता और अधिक सहज होगी और थाना स्तर पर भीड़ कम होने के साथ-साथ पुलिस सेवा आम जनता तक और सुगम रूप से पहुंच सकेगी।
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