भिलाई।कुरुद क्षेत्र में आयोजित लोक कला महोत्सव के अवसर पर छत्तीसगढ़ के सबसे कम उम्र के फिल्म निर्माता निखिल सुंदरानी को ‘लोक कला रत्न सम्मान’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष डॉ. मोना सेन तथा पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध पंडवानी गायिका डॉ. उषा बारले के करकमलों से प्रदान किया गया।
निखिल सुंदरानी पिछले छह वर्षों से छत्तीसगढ़ की लोक कला, लोक संस्कृति और पारंपरिक लोक विधाओं के संरक्षण एवं प्रचार-प्रसार में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे अपने विभिन्न यूट्यूब चैनलों के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को देश-विदेश तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं।
हाल ही में निखिल सुंदरानी द्वारा निर्मित छत्तीसगढ़ी फिल्म “मई राजा तै मोर रानी” का प्रदेश के सिनेमा घरों में प्रदर्शन किया गया, जिससे क्षेत्रीय सिनेमा को नई पहचान मिली। इसके अतिरिक्त, वे मोहन सुंदरानी फिल्म प्रोडक्शन के बैनर तले निर्मित बहुप्रतीक्षित छत्तीसगढ़ी फिल्म “मयारू भौजी-2” में मुख्य अभिनेता (लीड हीरो) की भूमिका में नजर आएंगे। यह उनकी पहली डेब्यू फिल्म है।
उल्लेखनीय है कि फिल्म “मयारू भौजी-2” के निर्देशन, कथा, गीत और संगीत की जिम्मेदारी उत्तम तिवारी द्वारा निभाई गई है। यह चर्चित फिल्म लगभग 25 वर्षों बाद नए संस्करण में आगामी 15 मई 2026 को प्रदेशभर के सिनेमा घरों में प्रदर्शित की जाएगी।
लोक कला महोत्सव के मंच से प्राप्त यह सम्मान निखिल सुंदरानी के व्यक्तिगत योगदान के साथ-साथ छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के प्रति उनके समर्पण और निरंतर प्रयासों को भी रेखांकित करता है।
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