बिलासपुर। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में निवेश के नाम पर सुनियोजित ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। कंपनी में पैसा लगाने पर डबल मुनाफा मिलने का भरोसा देकर एक महिला और उसके सहयोगियों ने एक युवक से 15 लाख 50 हजार रुपए की ठगी कर ली। जब पीड़ित ने अपनी राशि वापस मांगी तो उसे जान से मारने, मारपीट करने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 420, 506 एवं 34 भादंवि के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फेसबुक से हुई पहचान, कंपनी का नाम लेकर जीता भरोसा
सक्ती जिले के मालखरौदा थाना अंतर्गत ग्राम बोकरेल निवासी कमलेश गवेल (34) वर्तमान में सिविल लाइन क्षेत्र के मंझवापारा में रहकर व्यवसाय करते हैं। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2023 में उनकी पहचान फेसबुक के माध्यम से रेवती मैत्री से हुई थी। महिला ने खुद को दिल्ली की नैस्वीज रिटेल्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा बताया और कंपनी में निवेश पर अधिक लाभ मिलने का दावा किया। रेवती मैत्री ने कंपनी के स्टेमसेल्फ प्रोडक्ट फाइटोविज और अल्कलाइन वाटर आयोनाइजर मशीन के जरिए मोटे मुनाफे का लालच दिया। बताया गया कि कंपनी से जुड़ने पर हर ग्राहक पर कमीशन मिलेगा और कुछ ही महीनों में निवेश की गई राशि दोगुनी हो जाएगी।
ऑफिस का दिखावा, सीनियर से मिलवाकर बढ़ाया भरोसा
इसके बाद रेवती मैत्री ने कमलेश गवेल को अपने सहयोगी इमरान खान और मोहम्मद रहीस से मिलवाया। तीनों ने कोरबा के दीनदयाल मार्केट स्थित सिटी सेंटर मॉल के दूसरे तल पर बने कार्यालय में मुलाकात कर भरोसा बढ़ाने वाली बातें कीं। आरोपियों ने खुद को कंपनी का सीनियर बताते हुए बड़े नेटवर्क और तेज रिटर्न की बात कही। पीड़ित को यह भी बताया गया कि कंपनी के अचीवमेंट दिखाने के लिए कार खरीदी जाएगी, ताकि नए निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। इसी दिखावे के तहत उसके पैसों से कोरबा स्थित कार्यालय में तीन एसी भी लगवाए गए।
भरोसा जीतने के लिए लौटाई गई कुछ रकम
आरोप है कि शुरुआत में आरोपियों ने पीड़ित को कुछ रकम मुनाफे के रूप में वापस भी की, ताकि उसे लगे कि निवेश सही दिशा में है। इसी भरोसे के सहारे उससे अलग-अलग तिथियों में लगातार और अधिक राशि निवेश करने का दबाव बनाया गया। पीड़ित ने बताया कि वह उनकी बातों में आकर बार-बार पैसा देता रहा।
पैसा मांगा तो धमकी देकर बनाने लगे दबाव
पीड़ित का आरोप है कि 2023 से जनवरी 2025 के बीच उससे ऑनलाइन 7.50 लाख रुपए और नकद 8 लाख रुपए लिए गए। जब उसने अपनी पूरी राशि वापस मांगी तो आरोपियों ने उसे शांत रहने की सलाह दी और भविष्य में एक साथ बड़ी रकम मिलने का भरोसा दिलाया। बाद में रवैया बदल गया और उसे मारपीट, जान से मारने और बलात्कार जैसे झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाने लगी। डर और मानसिक दबाव के चलते पीड़ित काफी समय तक चुप रहा, लेकिन जब उसे यह स्पष्ट हो गया कि वह ठगी का शिकार हो चुका है, तब उसने सिविल लाइन थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई।
दो साल तक चला ठगी का सिलसिला, पुलिस जांच में जुटी
पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि बैंक खातों, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, नगद लेन-देन और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में मामला सुनियोजित ठगी का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने जल्द ही आरोपियों से पूछताछ कर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।
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