राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अवसर पर बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने इसी सच्चाई को बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली अंदाज में सामने रखा

बिलासपुर छत्तीसगढ़ ।सड़क पर चलती हर गाड़ी सिर्फ एक वाहन नहीं होती, उसके साथ किसी का भविष्य, किसी के सपने और किसी परिवार की खुशियां जुड़ी होती हैं। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह–2026 के अवसर पर बिलासपुर पुलिस ने इसी सच्चाई को बेहद संवेदनशील और प्रभावशाली अंदाज में सामने रखा है। बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आईपीएस रजनेश सिंह की पहल पर जारी की गई एक शॉर्ट मूवी नशे में वाहन चलाने, तेज रफ्तार और लापरवाही के खतरनाक परिणामों को गहराई से दर्शाती है।

यह शॉर्ट मूवी किसी कल्पना की कहानी नहीं लगती, बल्कि हर दिन सड़कों पर घटने वाली सच्ची घटनाओं का आईना है। फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक युवक नशे की हालत में वाहन चलाता है। कुछ पल की मस्ती, तेज रफ्तार और लापरवाही उसे भीषण सड़क दुर्घटना की ओर धकेल देती है।

अगले ही दृश्य में वह अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा होता है, जीवन और मौत के बीच झूलता हुआ। मशीनों की आवाज, डॉक्टरों की भागदौड़ और बाहर खड़ा परिवार… हर दृश्य दिल को झकझोर देता है।
फिल्म का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि दुर्घटना सिर्फ उस युवक को ही नहीं तोड़ती, बल्कि उसके पूरे परिवार को बिखेर देती है। माता-पिता की चिंता, अपनों की आंखों में आंसू और भविष्य को लेकर गहराता अंधकार साफ दिखाई देता है। यह शॉर्ट मूवी दर्शकों को यह सोचने पर मजबूर कर देती है कि नशे में लिया गया एक गलत फैसला कितनी बड़ी कीमत वसूल सकता है।
एसएसपी रजनेश सिंह स्वयं इस शॉर्ट मूवी के माध्यम से आम नागरिकों, खासकर युवाओं से सीधी अपील करते हैं। वे कहते हैं कि ड्रंकन ड्राइविंग, स्टंटिंग और तेज रफ्तार सिर्फ कानून का उल्लंघन नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति गैर-जिम्मेदार व्यवहार है। सड़क पर की गई लापरवाही कई निर्दोष जिंदगियों को खतरे में डाल सकती है। उनका संदेश साफ है—वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें, नशे से दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक बनें।

इस शॉर्ट मूवी का निर्माण बिलासपुर के युवा फिल्ममेकर राहुल पारीक ने किया है। सशक्त निर्देशन, वास्तविकता के करीब दृश्य और भावनात्मक प्रस्तुति ने इस फिल्म को खास बना दिया है। सोशल मीडिया पर यह शॉर्ट मूवी तेजी से वायरल हो रही है और लोगों की सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। कई लोग इसे देखकर न सिर्फ भावुक हो रहे हैं, बल्कि इसे साझा कर दूसरों को भी जागरूक करने का संदेश दे रहे हैं।
कुल मिलाकर, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत बिलासपुर पुलिस की यह पहल सिर्फ एक जागरूकता अभियान नहीं, बल्कि समाज को आईना दिखाने वाला प्रयास है। यह शॉर्ट मूवी यह याद दिलाती है कि सड़क पर सतर्कता और संयम ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। यदि यह संदेश एक भी व्यक्ति को नशे में वाहन चलाने से रोक पाता है, तो यह प्रयास अपने उद्देश्य में सफल माना जाएगा।
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