बाढ़ और जल दुर्घटनाओं से बचाव के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न, 50 प्रशिक्षार्थियों को मिले प्रमाणपत्र
Cbn36 बिलासपुर, 30 अक्टूबर 2026। बाढ़ एवं जल दुर्घटनाओं के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित पांच दिवसीय जल मित्र प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हुआ। एसडीआरएफ प्रशिक्षण केंद्र परसदा में आयोजित समापन समारोह में कलेक्टर संजय अग्रवाल ने 50 प्रशिक्षार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए।
इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल और एसडीआरएफ प्रशिक्षण केंद्र परसदा के संचालक लक्ष्मी प्रसाद वर्मा उपस्थित रहे।
आपदा के समय त्वरित निर्णय और समन्वय जरूरी

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने प्रशिक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आपदा के समय त्वरित निर्णय, बचाव की सही तकनीक और आपसी समन्वय लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त ज्ञान और कौशल का नियमित अभ्यास करें, ताकि जरूरत पड़ने पर पूरी तत्परता के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में योगदान दिया जा सके।
उन्होंने सुरक्षित तरीके से बचाव अभियान संचालित करने पर जोर देते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित जल मित्रों की उपलब्धता से आपात परिस्थितियों में प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता पहुंचाने में मदद मिलेगी।
रिफ्रेशर कोर्स और व्हाट्सएप समूह बनाने का सुझाव
कलेक्टर ने प्रशिक्षार्थियों से बचाव कार्यों के अनुभवों और प्रशिक्षण के दौरान सीखी गई तकनीकों पर चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों के सुझाव भी सुने और जल मित्रों के कौशल को समय-समय पर अद्यतन बनाए रखने के लिए रिफ्रेशर कोर्स आयोजित करने का सुझाव दिया।
इसके साथ ही जल मित्रों का व्हाट्सएप समूह बनाने पर जोर दिया, ताकि आपदा के समय सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके और राहत एवं बचाव कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित किया जा सके।
मॉक ड्रिल के जरिए दिया गया प्रशिक्षण
जिला प्रशासन द्वारा 26 से 30 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के विभिन्न अनुविभागों और तहसीलों के कोटवारों, मछुआरों, गोताखोरों तथा कुशल तैराकों सहित कुल 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया।
प्रशिक्षण के दौरान मॉक ड्रिल के माध्यम से बाढ़, बांध, नदी और तालाबों में डूबने जैसी घटनाओं से बचाव के तरीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित जल मित्रों की टीम तैयार करना और आपदा की स्थिति में राहत एवं बचाव व्यवस्था को अधिक मजबूत बनाना है।
प्रधान संपादक