CBN36 बिलासपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू की अध्यक्षता में सोमवार को जल संसाधन विभाग स्थित प्रार्थना सभाकक्ष में जनसुनवाई हुई। इसमें महिला उत्पीड़न और महिलाओं से संबंधित शिकायतों के कुल 13 प्रकरणों पर सुनवाई की गई। आयोग की अध्यक्ष ने दोनों पक्षों की समस्याएं और उनके पक्ष सुने। प्रकरणों की स्थिति के आधार पर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई के दौरान एक मामले में आवेदिका और अनावेदक दोनों उपस्थित हुए। दोनों ने आपसी मतभेद खत्म कर सहमति से साथ रहने और भविष्य में विवाद नहीं करने की बात कही। समझौते के बाद आयोग ने प्रकरण को नस्तीबद्ध करने की कार्रवाई की।

एक अन्य मामले में भरण-पोषण से संबंधित शिकायत पर आवेदिका उपस्थित हुईं, जबकि अनावेदक अनुपस्थित रहा। बताया गया कि मामला न्यायालय में लंबित है और इसमें दूसरी पत्नी से संबंधित विषय भी शामिल है। आयोग ने आवेदिका के अधिवक्ता से आवश्यक चर्चा कर प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने को कहा। अनावेदक के मुंगेली जिले में वर्ग-2 शिक्षक के पद पर पदस्थ होने की जानकारी के आधार पर शिक्षा विभाग, मुंगेली को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।
इसी तरह एक प्रकरण में आवेदिका उपस्थित हुईं, लेकिन अनावेदक नहीं आया। आयोग ने दूरभाष पर उससे संपर्क किया। अनावेदक ने सुनवाई की तारीख को लेकर गलतफहमी होने की बात कही। आयोग ने मामले को आगामी सुनवाई के लिए रखा।
बेटी ने पेश किया आवेदन, अगली सुनवाई में मां की मौजूदगी होगी
एक मामले में आवेदिका की बेटी सुनवाई में पहुंचीं और आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि अगली सुनवाई में आवेदिका स्वयं उपस्थित होंगी। आयोग ने प्रकरण को आगामी सुनवाई के लिए रखा।
एक अन्य मामले में आवेदिका अनुपस्थित रहीं, जबकि अनावेदक पक्ष के लोग उपस्थित हुए। आयोग ने आवेदिका से फोन पर संपर्क किया। निर्धारित समय तक उनके उपस्थित नहीं होने पर अनावेदक पक्ष का बयान सुना गया। उन्होंने आवेदिका की ओर से विभिन्न स्थानों पर की गई शिकायतों समेत अन्य तथ्य आयोग के समक्ष रखे।
मामले में धर्म परिवर्तन से जुड़ा विषय सामने आने पर आयोग ने सिविल लाइन थाने से आवश्यक जानकारी लेने और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। साथ ही आगामी सुनवाई में आवेदिका को उपस्थित होने के लिए बुलाने तथा अनावेदक पक्ष को नहीं बुलाने का निर्णय लिया गया।
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