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September 14, 2026 10:03 pm

भारत-जापान के रिश्तों को शिक्षा और तकनीक दे रहे नई दिशा

सीएम साय बोले- युवाओं का संवाद दोनों देशों के भविष्य के संबंधों को करेगा मजबूत, साझा विरासत से विकास तक बढ़ेगी साझेदारी

CBN36 रायपुर। भारत और जापान के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि सदियों पुरानी साझा सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़े हैं। अब शिक्षा, अनुसंधान, तकनीक और नवाचार इन रिश्तों को नई ऊंचाई देने का माध्यम बन रहे हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोमवार को जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी के 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान यह संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की नई पीढ़ी के बीच बढ़ता संवाद भविष्य में ज्ञान, तकनीक, नवाचार और साझा प्रगति की मजबूत साझेदारी का आधार बनेगा।

भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के तहत तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ पहुंचे जापानी विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सीएम साय से आत्मीय मुलाकात की। इस दौरान भारत-जापान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों के साथ बौद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

‘साझी आध्यात्मिक विरासत ने दोनों देशों को जोड़ा’

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में गहराई से जुड़ी हैं। भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री और मानव कल्याण के संदेश ने जापान की संस्कृति को भी प्रभावित किया है। यही साझा आध्यात्मिक विरासत दोनों देशों को एक विशिष्ट सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है।

उन्होंने कहा कि भारत और जापान आज परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय के साथ आगे बढ़ रहे हैं। जापान ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक में असाधारण प्रगति करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को जिस तरह सुरक्षित रखा है, वह भारत के लिए भी प्रेरणादायी है।

‘युवाओं का संवाद सबसे मजबूत सेतु’

मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया तेजी से बदल रही है और ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार तथा तकनीक विकास के सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं। ऐसे में विद्यार्थियों और युवाओं के बीच शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान महज एक यात्रा नहीं, बल्कि दो देशों के भविष्य को जोड़ने वाला सेतु है।

उन्होंने विश्वास जताया कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों के बीच संवाद से भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप और इनोवेशन के नए अवसर विकसित होंगे।

सिरपुर को वैश्विक पहचान दिलाने का संकल्प

सीएम साय ने जापानी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध ऐतिहासिक और पुरातात्विक विरासत की जानकारी दी। उन्होंने सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख करते हुए कहा कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर प्रदेश की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का अद्भुत केंद्र है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की विरासत को देश और दुनिया तक पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुनिया के विभिन्न देशों से विद्यार्थी, शोधार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ आएं, यहां की विरासत को समझें और प्रदेश के साथ ज्ञान एवं संस्कृति का स्थायी संबंध बनाएं यही सरकार का प्रयास है।

एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी

प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने स्टार्टअप गतिविधियों, अनुसंधान परियोजनाओं और नई तकनीकों की जानकारी ली। आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं के व्यावहारिक तकनीकी समाधान विकसित करने वाले स्टार्टअप ने उनका विशेष ध्यान आकर्षित किया। विद्यार्थियों ने टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, अनुसंधान और नवाचार आधारित सहयोग में रुचि दिखाई।

छत्तीसगढ़ की आत्मीयता ने जीता जापानी विद्यार्थियों का दिल

जापानी विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव साझा किए। उन्होंने यहां की संस्कृति, परंपराओं और लोगों के आत्मीय व्यवहार की प्रशंसा की। छात्राओं ने मेहंदी लगवाने और भारतीय परिधानों की खरीदारी के अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें भारत को किताबों और कक्षाओं से आगे बढ़कर समाज, संस्कृति और जीवनशैली के करीब से समझने का अवसर दिया।

प्रतिनिधिमंडल अपने प्रवास के दौरान ऐतिहासिक सिरपुर का भ्रमण भी करेगा। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसी यात्राएं दोनों देशों की नई पीढ़ी को एक-दूसरे की संस्कृति, उपलब्धियों और संभावनाओं से परिचित कराती हैं। भारत और जापान के युवाओं के बीच आज बोया जा रहा यह संवाद आने वाले समय में मित्रता, ज्ञान, नवाचार और साझा विकास का मजबूत आधार बनेगा।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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