देशभर में एक करोड़ से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य, छत्तीसगढ़ के 1200 विद्यालयों में सुबह 11 बजे होगा सामूहिक गान
CBN36 बिलासपुर। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर 25 सितंबर को देशभर में एक साथ राष्ट्रगीत गूंजेगा। विद्या भारती की ओर से सुबह ठीक 11 बजे पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गान का राष्ट्रव्यापी आयोजन किया जाएगा। अभियान के माध्यम से एक करोड़ से अधिक लोगों को जोड़ने और सामूहिक गान का नया कीर्तिमान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। आयोजन को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज कराने के लिए प्रतिभागियों की संख्या और कार्यक्रमों की वीडियो रिकॉर्डिंग का भी व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा।
विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के क्षेत्रीय उपाध्यक्ष-विद्या एवं सामूहिक वंदे मातरम् आयोजन के छत्तीसगढ़ प्रांत संयोजक जुड़ावन सिंह ठाकुर ने रविवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि देशभर में विद्या भारती से जुड़े करीब 20 हजार औपचारिक और अनौपचारिक विद्यालय इस अभियान में सहभागी बनेंगे। इनमें एक लाख से अधिक आचार्य-शिक्षक और करीब 36 लाख विद्यार्थी सीधे तौर पर शामिल होंगे। पूर्व छात्र, पूर्व आचार्य, अभिभावक, शिक्षाविद और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों को भी अभियान से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
छत्तीसगढ़ के 1200 विद्यालयों में तैयारी
छत्तीसगढ़ में करीब 1200 सरस्वती शिशु मंदिरों में सामूहिक गान की तैयारियां चल रही हैं। इनमें लगभग 11 हजार आचार्य-शिक्षक और तीन लाख से अधिक विद्यार्थी हैं। संगठन ने निजी और शासकीय विद्यालयों से भी अभियान में सहभागिता का आग्रह किया है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बन सकें।
एक नजर में
- 25 सितंबर को होगा सामूहिक गान
- सुबह 11 बजे एक साथ गाया जाएगा पूर्ण ‘वंदे मातरम्’
- देशभर में एक करोड़ से अधिक लोगों को जोड़ने का लक्ष्य
- छत्तीसगढ़ के करीब 1200 विद्यालय होंगे सहभागी
- करीब तीन लाख विद्यार्थी होंगे शामिल
- विश्व कीर्तिमान के लिए वीडियो रिकॉर्डिंग और प्रतिभागियों की संख्या का रिकॉर्ड तैयार होगा
गैर-सरस्वती विद्यालयों में 100 प्रतिभागी जरूरी
गैर-सरस्वती शिशु मंदिरों के लिए कम से कम 100 प्रतिभागियों की संख्या निर्धारित की गई है। छोटे विद्यालयों में संख्या पूरी नहीं होने पर विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों को आसपास के बड़े विद्यालयों में होने वाले आयोजन से जोड़ा जाएगा। सामूहिक गान में चौथी कक्षा और उससे ऊपर के विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। प्रतिभागियों को पूर्ण ‘वंदे मातरम्’ का पूर्वाभ्यास कर आने के लिए कहा गया है।
दो से तीन हजार विद्यार्थियों वाले विद्यालयों में बड़ा आयोजन
जिन विद्यालयों में दो से तीन हजार तक विद्यार्थी हैं, वहां बड़े स्तर पर सामूहिक गान कराया जाएगा। इन आयोजनों की ड्रोन समेत अन्य माध्यमों से वीडियो रिकॉर्डिंग होगी। प्रत्येक कार्यक्रम में प्रतिभागियों की संख्या का व्यवस्थित रिकॉर्ड भी तैयार किया जाएगा। इन्हीं प्रमाणों के आधार पर प्रस्तावित विश्व कीर्तिमान के लिए आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएंगे।
‘वंदे मातरम्’ राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक
ठाकुर ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान राष्ट्रीय चेतना, स्वाभिमान और देशभक्ति का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। आजादी के संघर्ष में लाखों लोगों ने ‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष के साथ बलिदान दिया। राष्ट्रगीत की 150वीं वर्षगांठ पर होने वाला यह सामूहिक आयोजन नई पीढ़ी को देश की संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय स्वाभिमान से जोड़ने का माध्यम बनेगा।
उन्होंने समाज के सभी वर्गों से 25 सितंबर को अपने निकटतम सरस्वती शिशु मंदिर अथवा संबंधित आयोजन स्थल पर पहुंचकर सामूहिक गान में सहभागी बनने की अपील की ।
प्रधान संपादक




