Explore

Search

September 13, 2026 10:09 pm

हरतालिका तीज पर महंगा होगा उपवास, अरसा-ठेठरी-खुरमी से लेकर करेला चिप्स तक के दाम तेज

14 सितंबर को तीज, पारंपरिक व्यंजनों और करेला से बने खाद्य पदार्थों की बढ़ी कीमतों के बावजूद बाजार में मांग बरकरार

CBN 36, बिलासपुर। हरतालिका तीज का पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। पर्व को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उपवास के दौरान उपयोग की जाने वाली खाद्य सामग्री के साथ छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों की मांग भी बढ़ गई है। हालांकि इस बार तीज का उपवास महिलाओं की जेब पर कुछ अधिक भारी पड़ने वाला है। खाद्य तेल, आटा, सूजी, मैदा और बेसन की कीमतों में तेजी का असर अरसा, ठेठरी और खुरमी के दामों पर भी पड़ा है।

320 रुपये किलो तक पहुंची अरसा, ठेठरी और खुरमी की कीमत

तीज को देखते हुए घरों में पारंपरिक व्यंजनों की तैयारियां चल रही हैं। वहीं बाजार में बिक्री करने वाले संस्थानों ने भी पर्याप्त मात्रा में अरसा, ठेठरी और खुरमी तैयार कर रखी है। बाजार में इनकी कीमत करीब 320 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। उपभोक्ताओं को कीमत पहले की तुलना में अधिक लग रही है, लेकिन पर्व की परंपरा के चलते खरीदी पर इसका खास असर नहीं पड़ा है। कच्चे माल की कीमतों में मजबूती बनी रहने से फिलहाल इनके दाम कम होने की संभावना भी कम है।

करेला 80 और चिप्स 400 रुपये किलो तक

हरतालिका तीज के उपवास में करेला और उससे तैयार खाद्य पदार्थों की भी मांग रहती है। बाजार में इन दिनों करेला 60 से 80 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं करेला चिप्स की कीमत करीब 400 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। इसकी मांग अब पड़ोसी राज्य मध्य प्रदेश से भी आने लगी है। बाहरी मांग बढ़ने के कारण निकट दिनों में कीमतों में राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। अरसा की खरीदी में भी पड़ोसी राज्यों से आने वाले ग्राहकों की रुचि देखी जा रही है।

फुलेरा की कीमत 1500 रुपये तक

तीज की पूजा में फूलों से तैयार फुलेरा का विशेष महत्व है। पर्व नजदीक आने के साथ फूल बाजार में इसकी मांग बढ़ गई है। मांग को देखते हुए फुलेरा की कीमतें भी तय कर दी गई हैं। सामान्य फुलेरा 250 से 400 रुपये तक बिक रहा है, जबकि विशेष श्रेणी का फुलेरा 1500 रुपये तक उपलब्ध है। फिलहाल फूलों की कीमतों में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है और दरें स्थिर बनी हुई हैं।

पर्व के चलते बाजार में बढ़ी चहल-पहल

हरतालिका तीज को लेकर बाजार में चहल-पहल बढ़ गई है। महिलाएं उपवास और पूजा के लिए आवश्यक सामग्री के साथ पारंपरिक व्यंजनों की खरीदारी कर रही हैं। कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद पर्व की धार्मिक और पारंपरिक मान्यताओं के चलते मांग में कमी नहीं आई है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

Advertisement Carousel
CRIME NEWS

BILASPUR NEWS