
“एसपी विजय पाण्डे के निर्देश पर जांजगीर-चांपा पुलिस की बड़ी कार्रवाई; मोबाइल ऐप से WhatsApp-टेलीग्राम और USDT तक फैला था सट्टे का कारोबार,एसपी का संदेश-ऑनलाइन सट्टे से रहें दूर”
CBN36 जांजगीर-चांपा। साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ जांजगीर-चांपा पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए BDG ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। एसपी विजय पाण्डे के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने सटीक मुखबिर सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मुख्य एडमिन समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपी मोबाइल ऐप, WhatsApp ग्रुप, Telegram चैनल और डिजिटल करेंसी USDT के जरिए ऑनलाइन सट्टे का नेटवर्क संचालित कर रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, साइबर जागृति अभियान के दौरान आम लोगों को ऑनलाइन सट्टे से दूर रहने और संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड नहीं करने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि न्यू चंदनियापारा लिंक रोड निवासी हेमलाल यादव उर्फ सोनू मोबाइल फोन के जरिए BDG ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहा है। साइबर थाना पुलिस टीम ने गवाहों की मौजूदगी में तत्काल रेड कार्रवाई की।
हेमलाल से खुला नेटवर्क का राज
पूछताछ में हेमलाल यादव ने पुलिस को बताया कि वह BDG ऑनलाइन सट्टा गेम खेलता था और उसे इसकी आईडी शैलेंद्र कुमार शर्मा से मिली थी। तकनीकी साक्ष्यों और आरोपी के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने शैलेंद्र कुमार शर्मा को हिरासत में लिया।
कड़ाई से पूछताछ में शैलेंद्र ने खुलासा किया कि वह BDG की मास्टर आईडी और लिंक WhatsApp के माध्यम से अन्य लोगों तक पहुंचाता था। नेटवर्क में नीचे नए लोगों को जोड़ने पर एडमिन को कमीशन मिलता था। जैसे-जैसे नीचे जुड़े लोग सट्टे में पैसा लगाते थे, ऊपर के एडमिन को कमीशन प्राप्त होता था।
20 लाख का सट्टा, 30 लाख से ज्यादा का लेन-देन
शैलेंद्र के बयान और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने महेश प्रसाद राठौर, राकेश कुमार राठौर, दुर्गेश कुमार राठौर और हीरालाल यादव को भी गिरफ्तार किया। आरोपियों के मोबाइल फोन से ऑनलाइन सट्टा ऐप की आईडी, स्क्रीनशॉट, WhatsApp चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं।
जांच में यह भी सामने आया कि शैलेंद्र स्वयं अब तक करीब 20 लाख रुपये का ऑनलाइन सट्टा खेल चुका था और लिंक के जरिए कई अन्य लोगों को भी इस नेटवर्क से जोड़ चुका था। पुलिस को आरोपियों के खातों में 30 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन के प्रमाण मिले हैं।
USDT से भी हो रहा था पैसों का लेन-देन
पुलिस जांच में ऑनलाइन सट्टे के इस हाईटेक नेटवर्क में पैसों के लेन-देन का आधुनिक तरीका सामने आया है। आरोपियों के WhatsApp चैट के साथ-साथ USDT (क्रिप्टो डिजिटल करेंसी) के माध्यम से वित्तीय लेन-देन किए जाने के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य राज्यों से जुड़े लिंक और बड़े नेटवर्क की भी गहनता से जांच कर रही है।
छह आरोपी पुलिस के शिकंजे में
गिरफ्तार आरोपियों में हेमलाल यादव उर्फ सोनू (47), शैलेंद्र कुमार शर्मा उर्फ शैलू (45) मुख्य एडमिन, महेश प्रसाद राठौर उर्फ मुकेश (47), राकेश कुमार राठौर उर्फ पप्पू (45), दुर्गेश कुमार राठौर उर्फ मनु (45) और हीरालाल यादव (47) शामिल हैं। सभी जांजगीर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं।
जुआ प्रतिषेध अधिनियम और बीएनएस में केस
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 7 एवं बीएनएस की धारा 112(2) के तहत प्रकरण दर्ज किया है। आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
एसपी विजय पाण्डे का संदेश-ऑनलाइन सट्टे से रहें दूर
जिला पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि ऑनलाइन सट्टा, जुआ या संदिग्ध ऐप के जरिए कम समय में पैसा कमाने के लालच में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई APK फाइल डाउनलोड न करें और संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
एसपी विजय पाण्डे के निर्देश में जांजगीर-चांपा पुलिस की साइबर अपराध और ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।
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