CBN36 रायगढ़। साइबर अपराधों से बचाव के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के साइबर जागृति अभियान के तहत खरसिया पुलिस ने सेंट जॉन्स स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में करीब 2100 विद्यार्थियों और शिक्षकों को साइबर ठगी से बचने के तरीके बताए गए। पुलिस ने बच्चों को अनजान लिंक, फर्जी ऑफर, ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी को लेकर सतर्क किया।

प्रदेश में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहे साइबर जागृति अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया और जनभागीदारी के माध्यम से लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना है। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन में रायगढ़ पुलिस स्कूल-कॉलेज और अन्य संस्थानों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम चला रही है।
एसडीओपी ने कहा- जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार
कार्यक्रम में एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव ने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता है। बच्चों को इंटरनेट का सुरक्षित इस्तेमाल करने की आदत डालनी चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि किसी अनजान लिंक, कॉल या ऑनलाइन ऑफर पर भरोसा करने से पहले माता-पिता या शिक्षकों से सलाह लें। साथ ही अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करें।
निरीक्षक त्रिपाठी ने 2100 विद्यार्थियों से किया सीधा संवाद
चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी ने विद्यार्थियों से सीधे संवाद किया। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी अब बच्चों और युवाओं को भी निशाना बना रहे हैं। ऑनलाइन गेमिंग, फर्जी ऑफर, अनजान लिंक, सोशल मीडिया पर अज्ञात लोगों से बातचीत और लालच देने वाले संदेश साइबर ठगी का माध्यम बन सकते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा का मंत्र देते हुए कहा कि अनजान लिंक पर क्लिक करने से पहले रुकें, सोचें और अभिभावक या शिक्षक से सलाह लें। उन्होंने ऑनलाइन गेमिंग की लत और उससे होने वाले मानसिक दबाव को लेकर भी बच्चों को सावधान किया।
‘जागरूकता की एक सेल्फी’ से परिवार तक पहुंचेगा साइबर सुरक्षा का संदेश

कार्यक्रम में पुलिस ने अभियान की अभिनव पहल ‘जागरूकता की एक सेल्फी’ के बारे में भी विद्यार्थियों को जानकारी दी। बच्चों को अपने माता-पिता और परिवार के सदस्यों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक करने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस ने कहा कि एक जागरूक बच्चा अपने पूरे परिवार को साइबर अपराध से सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। विद्यार्थियों को अभिभावकों के साथ सेल्फी लेकर सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर सुरक्षा का संदेश आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
रोजाना एक हजार से ज्यादा बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य

एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर रायगढ़ पुलिस ने जिले में प्रतिदिन एक हजार से अधिक बच्चों तक साइबर जागरूकता का संदेश पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में खरसिया के एक ही कार्यक्रम में 2100 विद्यार्थियों और शिक्षकों को जागरूक किया गया।
पुलिस का उद्देश्य बच्चों के माध्यम से साइबर सुरक्षा की जानकारी उनके अभिभावकों और परिवार के अन्य सदस्यों तक पहुंचाना भी है।

कार्यक्रम में एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, थाना प्रभारी खरसिया निरीक्षक सीताराम ध्रुव सहित चौकी एवं थाना खरसिया का स्टाफ मौजूद रहा। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों को समझा और जागरूकता का संदेश अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
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