बिलासपुर रेंज के हर थाने में रोजाना साइबर पोर्टल लॉगिन अनिवार्य, 15 दिन पुराने बैंक होल्ड मामलों का होगा तत्काल निपटारा
CBN36 बिलासपुर। साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए बिलासपुर रेंज पुलिस ने अब कार्रवाई को और तेज करने की तैयारी कर ली है। पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने रेंज के साइबर थानों और साइबर सेल की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों को किसी भी स्तर पर लंबित न रखा जाए। पोर्टल पर शिकायत मिलते ही उसी दिन उसे स्वीकार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू करनी होगी।
आईजी कार्यालय के मीटिंग हॉल में आयोजित बैठक में रेंज के साइबर थानों के नोडल राजपत्रित अधिकारी एएसपी-डीएसपी साइबर थाना प्रभारी और साइबर सेल प्रभारी मौजूद रहे। बैठक में साइबर अपराधों और विभिन्न साइबर पोर्टलों से मिली शिकायतों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
हर थाने को रोजाना साइबर पोर्टल पर करना होगा लॉगिन
साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए अब केवल साइबर थाने ही नहीं, बल्कि रेंज के सभी सामान्य थानों को भी नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर रोजाना लॉगिन करना अनिवार्य होगा।
पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को उसी दिन स्वीकार करने और तत्काल वैधानिक कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबित शिकायतों और FIR की स्थिति की लगातार निगरानी कर उनके त्वरित निराकरण पर जोर दिया गया।
फर्जी सिम बेचने वाले POS एजेंटों पर सीधे FIR और गिरफ्तारी
साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल होने वाले फर्जी और संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों पर भी पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। फर्जी या संदिग्ध सिम एक्टिवेट करने वाले POS एजेंटों के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज कर गिरफ्तारी के निर्देश आईजी ने दिए।
ऐसे मामलों में सिम जारी करने की पूरी प्रक्रिया और संबंधित एजेंट की भूमिका की जांच कर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
म्यूल एकाउंट्स की सूची पर भी तत्काल कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय से भेजी गई म्यूल एकाउंट्स की सूचियों के आधार पर तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें बिलासपुर, रायगढ़, कोरबा, जांजगीर सहित अन्य जिलों से संबंधित खातों की जानकारी शामिल है।कार्रवाई के बाद संबंधित अधिकारियों को कम्प्लायंस रिपोर्ट भी भेजनी होगी।
ठगी की रकम पीड़ितों को वापस कराने में तेजी
साइबर ठगी के मामलों में बैंक खातों में होल्ड कराई गई रकम को पीड़ितों तक वापस पहुंचाने को भी प्राथमिकता दी गई है। आईजी ने निर्देश दिए कि धारा 106 और कोर्ट ऑर्डर की प्रक्रिया में तेजी लाकर पीड़ितों की राशि जल्द वापस कराई जाए।
खास तौर पर 15 दिन से अधिक पुराने बैंक होल्ड मामलों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। पुलिस और बैंक के बीच समन्वय के दौरान पुलिस स्तर पर कोई रिक्वेस्ट लंबित नहीं रखी जाएगी।
ठगी में इस्तेमाल नंबर और व्हाट्सएप -टेलीग्राम अकाउंट होंगे ब्लॉक
साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, आईपी एड्रेस, व्हाट्सएप और टेलीग्राम अकाउंट को प्राथमिकता के आधार पर ब्लॉक कराने के निर्देश दिए गए हैं।इस कार्रवाई की मासिक प्रगति रिपोर्ट उच्च कार्यालय को भेजी जाएगी, जिससे कार्रवाई की नियमित मॉनिटरिंग की जा सके।
‘समन्वय पोर्टल’ पर अपराधियों का पूरा रिकॉर्ड होगा अपलोड
गिरफ्तार किए गए साइबर अपराधियों का पूरा विवरण अब ‘समन्वय पोर्टल’ पर अपलोड करना अनिवार्य होगा। इसमें अपराधी की जानकारी, फिंगरप्रिंट और FIR का स्टेटस शामिल रहेगा।इससे अलग-अलग जिलों और थानों में सक्रिय साइबर अपराधियों की जानकारी को एक प्लेटफॉर्म पर प्रभावी तरीके से जोड़ा जा सकेगा।
साइबर वालंटियर्स को भी जोड़ेगी पुलिस
बैठक में पंजीकृत साइबर वालंटियर्स का सत्यापन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। साइबर अपराध के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए स्थानीय युवाओं को भी अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया।
आईजी बोले-आधुनिक तकनीकी पुलिसिंग को बनाएं प्राथमिकता
आईजी राम गोपाल गर्ग ने अधिकारियों से कहा कि बैठक का उद्देश्य तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, त्वरित और तकनीक आधारित बनाना है।
उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध के मामलों का त्वरित निराकरण हो और पुलिस की कार्रवाई का सीधा लाभ आम जनता और साइबर ठगी के पीड़ितों तक पहुंचे, यह सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
इन बिंदुओं पर रहेगी खास नजर
- रेंज के 100 प्रतिशत थानों का साइबर पोर्टल पर नियमित लॉगिन।
- पोर्टल की शिकायतों को उसी दिन Accept कर कार्रवाई।
- 15 दिन से पुराने बैंक होल्ड मामलों का तत्काल निराकरण।
- धारा 106/कोर्ट आदेश के जरिए पीड़ितों को ठगी की रकम वापस।
- फर्जी SIM बेचने वाले POS एजेंटों पर FIR और गिरफ्तारी।
- ठगी में इस्तेमाल SIM, मोबाइल नंबर, IP, WhatsApp और Telegram अकाउंट ब्लॉक।
- पुलिस मुख्यालय की mule accounts सूची पर कार्रवाई और Compliance Report।
- गिरफ्तार साइबर अपराधियों का फिंगरप्रिंट व FIR स्टेटस समेत पूरा डेटा समन्वय पोर्टल पर अपलोड।
- साइबर वालंटियर्स का सत्यापन और जागरूकता अभियान में स्थानीय युवाओं की भागीदारी।
बैठक में पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में पदस्थ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुरेशा चौबे, उप पुलिस अधीक्षक विवेक शर्मा, रेंज साइबर थाना प्रभारी तथा साइबर थाना और साइबर सेल का स्टाफ उपस्थित रहा।
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