
एआई ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म दूसरे और ‘न्याय मित्र’ तीसरे स्थान पर, विजेताओं को मिले 50, 30 और 20 हजार रुपये
CBN36 बिलासपुर, 7 अक्टूबर। विद्यार्थियों के नवाचार ने बुधवार को सबको प्रभावित किया। वसंत विहार स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में आयोजित ‘आइडियाथॉन 2026’ में विद्यार्थियों ने रोबोट और विभिन्न प्रोटोटाइप के जरिए रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान पेश किए। प्रतियोगिता में डॉग्स के लिए स्मार्ट वॉच का आइडिया सबसे आगे रहा और टीम ने प्रथम पुरस्कार के रूप में 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि हासिल की।

कोडविद्या इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) के सहयोग से ‘माई स्कूल माई स्टार्टअप’ अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम में चयनित शीर्ष 10 टीमों ने अपने स्टार्टअप आइडिया निर्णायकों के सामने प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के समन्वय से तैयार प्रोजेक्ट के जरिए तकनीकी दक्षता और समस्या समाधान की क्षमता का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता में आइडिया की मौलिकता, तकनीकी समझ और समाधान की उपयोगिता के आधार पर मूल्यांकन किया गया। एआई शिक्षकों वाले ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म को दूसरा पुरस्कार मिला, जबकि आम लोगों की कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए तैयार ‘न्याय मित्र’ वन-स्टॉप प्लेटफॉर्म तीसरे स्थान पर रहा। दोनों टीमों को क्रमश: 30 हजार और 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई।
‘नौकरी तलाशने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनें विद्यार्थी’
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एसईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) बिरंची दास ने विद्यार्थियों के मॉडलों और नवाचारी विचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। ऐसे मंच विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर देते हैं। आज के युवा भविष्य में मानव जीवन से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों का तकनीक और नवाचार के माध्यम से समाधान दे सकते हैं।
कोडविद्या के संस्थापक शिवराम ने कहा कि अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनने के लिए तैयार करना है। ‘माई स्कूल माई स्टार्टअप’ के माध्यम से बच्चों में उद्यमिता, नवाचार और समस्या समाधान की सोच विकसित की जा रही है।
नौ डीएवी स्कूलों में चल रही पहल
एसईसीएल के सहयोग से यह परियोजना उसके अंतर्गत संचालित नौ डीएवी स्कूलों में चलाई जा रही है। विद्यार्थियों को डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स, वित्तीय साक्षरता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, रोबोटिक्स और उद्यमिता जैसे विषयों में कौशल आधारित प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
डीएवी पब्लिक स्कूल के प्राचार्य के. पार्थिपन ने कहा कि विद्यार्थियों के रोबोट और प्रोटोटाइप उनकी रचनात्मकता और तकनीकी समझ को दर्शाते हैं। कार्यक्रम के अंत में कोडविद्या के प्रोजेक्ट मैनेजर चैतन्य ने अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों और विद्यार्थियों का आभार जताया।
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