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July 1, 2026 1:05 pm

बार-बार सीने में जलन, खट्टी डकार या पेट दर्द को न करें नजरअंदाज: अब जगदलपुर में भी मिलेगी विशेषज्ञ लेप्रोस्कोपी सर्जरी की सुविधा

जगदलपुर। बदलती जीवनशैली और खानपान के कारण पेट और लीवर से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। लगातार सीने में जलन, खट्टी डकार, पेट दर्द, अपच या निगलने में परेशानी जैसे लक्षणों को अक्सर लोग सामान्य गैस की समस्या मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि कई बार ये गंभीर बीमारी का संकेत भी हो सकते हैं। ऐसे मरीजों के लिए अब बस्तर संभाग में विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा उपलब्ध होने जा रही है।

राजधानी रायपुर के वरिष्ठ पेट रोग विशेषज्ञ एवं लेप्रोस्कोपी सर्जन डॉ. विनोद सिंह अब प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार को जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी हॉस्पिटल में मरीजों की जांच एवं परामर्श देंगे। उनकी पहली ओपीडी 2 जुलाई से शुरू होगी। इससे बस्तर क्षेत्र के मरीजों को परामर्श और ऑपरेशन के बाद फॉलोअप के लिए बार-बार रायपुर नहीं जाना पड़ेगा।

जीईआरडी और हाइटल हर्निया जैसी बीमारियों का आधुनिक इलाज

डॉ. विनोद सिंह के अनुसार, गैस्ट्रो इसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) एक ऐसी समस्या है, जिसमें पेट का अम्ल भोजन नली में वापस पहुंच जाता है। इसके कारण सीने में जलन, खट्टी डकार, गले में जलन, लगातार खांसी और भोजन निगलने में कठिनाई जैसी परेशानियां हो सकती हैं। लंबे समय तक इलाज नहीं कराने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है।

इसी तरह हाइटल हर्निया में पेट का ऊपरी हिस्सा अपनी सामान्य स्थिति से ऊपर खिसक जाता है। इसका उपचार आधुनिक लेप्रोस्कोपी तकनीक से सफलतापूर्वक किया जा सकता है। इस तकनीक में छोटे चीरे लगते हैं, दर्द अपेक्षाकृत कम होता है और मरीज जल्दी सामान्य जीवन में लौट सकता है।

अनुभव और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय

भाठागांव, रायपुर स्थित उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल के डायरेक्टर डॉ. विनोद सिंह पेट, लीवर एवं लेप्रोस्कोपी सर्जरी के क्षेत्र में लंबे समय से कार्यरत हैं। उन्होंने दिल्ली से लेप्रोस्कोपी सर्जरी का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया है तथा विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर के रूप में भी सेवाएं दी हैं। वर्तमान में भी वे एक मेडिकल कॉलेज में प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं।

उनका उद्देश्य प्रदेश के मरीजों को महानगरों जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए उन्हें अनावश्यक रूप से बाहर न जाना पड़े।

उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल ने बनाया भरोसे का मुकाम

उर्मिला मेमोरियल हॉस्पिटल ने कुछ ही वर्षों में 30 बिस्तरों से बढ़कर 200 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल का रूप ले लिया है। अस्पताल को एनएबीएच की मान्यता प्राप्त है और यहां लगभग 450 डॉक्टर, नर्स एवं पैरामेडिकल कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल छत्तीसगढ़ शासन, भारतीय रेलवे सहित विभिन्न सरकारी संस्थानों के मरीजों के उपचार एवं जांच के लिए भी अधिकृत है।

कब और कहां मिलेगी सुविधा

  • पहली ओपीडी: 2 जुलाई
  • नियमित परामर्श: प्रत्येक माह के प्रथम बुधवार
  • स्थान: मां दंतेश्वरी हॉस्पिटल, रिलायंस स्मार्ट के सामने, दलपत सागर वार्ड, चित्रकुट रोड, जगदलपुर
  • पंजीयन एवं संपर्क: 8318250996

कब लें विशेषज्ञ की सलाह?

यदि आपको लगातार सीने में जलन, खट्टी डकार, बार-बार पेट दर्द, लंबे समय तक अपच, भोजन निगलने में कठिनाई या पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं बनी रहती हैं, तो इन्हें सामान्य गैस समझकर अनदेखा न करें। समय पर विशेषज्ञ से परामर्श और जांच कराने से कई गंभीर बीमारियों का प्रारंभिक अवस्था में ही सफल उपचार संभव है।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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