रायपुर, 24 जून 2026। प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को और तेज किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा प्रदेशभर में विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि खनिज संसाधनों की अवैध निकासी, अवैध कारोबार तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खनिज विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्रीय खनिज उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने शिकायतों एवं विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर 22 जून को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर तथा सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया। इस दौरान अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त सात वाहनों को जप्त किया गया तथा उनके विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।
जांच अभियान के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में खनिज परिवहन की वैधता की जांच कर रही टीम के साथ कुछ लोगों द्वारा अभद्र व्यवहार और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का प्रयास किए जाने का मामला भी सामने आया। विभाग के अनुसार रेत से भरे टिप्पर के वाहन मालिक लड्डन खान, चालक सोनू टोप्पो, धंसी टोप्पो, खलासी सुरेश सिंह तथा एक अन्य साथी सुनील ने अधिकारियों को धमकाने और कार्रवाई प्रभावित करने की कोशिश की। आरोपियों द्वारा वाहन लेकर भागने का भी प्रयास किया गया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना गांधीनगर में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत पांच आरोपियों के विरुद्ध अपराध दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी एवं वाहन मालिक लड्डन खान की तलाश जारी है। जप्त वाहन को भी पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज विभाग ने कहा है कि अवैध खनन के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान को बाधित करने, अधिकारियों को डराने-धमकाने अथवा कार्रवाई रोकने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में अवैध खनन संबंधी प्रकरणों के साथ-साथ शासकीय कार्य में बाधा, धमकी और अन्य संबंधित अपराधों में भी विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अनुसार आधुनिक तकनीक, ड्रोन निगरानी और विशेष उड़नदस्ता टीमों की मदद से प्रदेशभर में लगातार निगरानी की जा रही है। राज्य सरकार ने दोहराया है कि अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी तथा कानून का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्तर पर राहत नहीं दी जाएगी।
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