
वाहन चोरी की शत-प्रतिशत रिकवरी का लक्ष्य; एसपी भोजराम पटेल का साइबर पीड़ितों की रकम वापसी का ‘MRM मॉडल’ बना आकर्षण

CBN36 बिलासपुर। बिलासपुर रेंज में अपराध नियंत्रण और आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग को नई गति देने के लिए पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग ने‘सशक्त’ ऐप की रेंज स्तरीय समीक्षा बैठक में वाहन चोरी के मामलों में शत-प्रतिशत रिकवरी और डेटा अपडेट के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक का प्रभावी उपयोग ही परिणाममूलक पुलिसिंग की पहचान है और प्रत्येक अधिकारी इसकी जवाबदेही तय करते हुए कार्य करें।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में रेंज के सभी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक, राजपत्रित अधिकारी, थाना प्रभारी तथा नवपदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षक शामिल हुए। बैठक में ‘सशक्त’ ऐप के जरिए चोरी के दोपहिया और चारपहिया वाहनों की त्वरित ट्रैकिंग, संदिग्ध वाहनों की पहचान और रिकवरी दर बढ़ाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
आईजी गर्ग ने निर्देश दिए कि सभी लंबित वाहन चोरी प्रकरणों में इंजन और चेसिस नंबर सहित अपूर्ण जानकारी एक सप्ताह के भीतर अपडेट की जाए। उन्होंने कहा कि अब एफआईआर दर्ज होते ही वाहन का पूरा विवरण तत्काल ऐप में दर्ज किया जाए, ताकि रियल-टाइम निगरानी संभव हो सके। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, बाजार, सराफा क्षेत्र और सार्वजनिक पार्किंग स्थलों पर ‘सशक्त’ ऐप के माध्यम से नियमित जांच अभियान चलाने के भी निर्देश दिए गए। साथ ही नए अधिकारियों और कर्मचारियों का शत-प्रतिशत पंजीयन कर उन्हें प्रतिदिन संदिग्ध वाहनों की जांच का लक्ष्य देने पर भी जोर दिया गया।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण पक्ष मुंगेली के पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल का लाइव प्रेजेंटेशन रहा। उन्होंने साइबर ठगी के मामलों में पीड़ितों की राशि शीघ्र वापस दिलाने के लिए विकसित मनी रिकवरी मैकेनिज्म (MRM) की कार्यप्रणाली विस्तार से बताई। उन्होंने समझाया कि साइबर हेल्पलाइन 1930 और संबंधित पोर्टल के माध्यम से शिकायत मिलते ही संदिग्ध बैंक खातों को तत्काल फ्रीज कर कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए पीड़ित की राशि सीधे उसके खाते में वापस कराई जा सकती है।
एसपी पटेल ने अधिकारियों को बताया कि साइबर अपराध के मामलों में शुरुआती एक से दो घंटे का ‘गोल्डन आवर’ सबसे अहम होता है। इस अवधि में शिकायत मिलने पर रकम सुरक्षित रखने और उसे वापस दिलाने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। उन्होंने सभी जिलों से साइबर शिकायतों पर तत्काल प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने की अपील की।
बैठक के समापन पर आईजी राम गोपाल गर्ग ने कहा कि ‘सशक्त’ ऐप केवल एक डिजिटल प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि अपराध नियंत्रण का प्रभावी हथियार है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि तकनीक आधारित पुलिसिंग को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चोरी के वाहनों की रिकवरी, लंबित मामलों के निराकरण और साइबर अपराधों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को पुलिस की सेवाओं का सीधा और प्रभावी लाभ मिल सके।
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