
“एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं”
रायगढ़, 19 जून। रायगढ़ पुलिस ने गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे ऑपरेशन शंखनाद के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 गौवंशों को तस्करों के चंगुल से मुक्त कराया है। यह कार्रवाई लैलूंगा थाना क्षेत्र के ग्राम कमरगा के घने जंगल में गुरुवार रात की गई।
पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि कुछ तस्कर गौवंशों को जंगल के रास्ते ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना पर थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। रात के अंधेरे और घने जंगल के बीच पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी की। अभियान के दौरान टीम का सामना एक विशाल अजगर सहित जहरीले सांपों के खतरे से भी हुआ, लेकिन पुलिसकर्मियों ने साहस और सतर्कता का परिचय देते हुए अभियान जारी रखा।
पुलिस को मौके पर 20 गौवंश, जिनमें गाय, बछिया और बछड़े शामिल थे, लावारिस हालत में मिले। पुलिस की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल के रास्ते फरार हो गए।
मौके पर किसी व्यक्ति द्वारा मवेशियों पर दावा नहीं किए जाने के बाद पुलिस ने गवाहों की उपस्थिति में धारा 106 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई कर सभी गौवंशों को जप्त किया। बाद में उन्हें सुरक्षित देखभाल के लिए सलखिया गौशाला के अध्यक्ष जोगीराम भोय को अस्थायी सुपुर्दगी में सौंप दिया गया।
पुलिस ने बताया कि फरार तस्करों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा ऑपरेशन शंखनाद के तहत ऐसे अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गिरधारी साव, सहायक उप निरीक्षक परमेश्वर नाथ सिंह पैंकरा, प्रधान आरक्षक जयशरण चंद्रा तथा आरक्षक शशिभूषण साहू, विकास तिर्की और सुमीत एक्का की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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