CBN36 भाटापारा। नाबालिग बालिका के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश (पॉक्सो कोर्ट) भाटापारा के पीठासीन अधिकारी श्री सतीश कुमार जायसवाल ने आरोपी सुरेन्द्र जांगड़े उर्फ रेन्चो (23), निवासी सासाहोली, थाना तिल्दा, जिला रायपुर को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। फैसला 3 अगस्त 2026 को सुनाया गया।
अभियोजन के अनुसार, थाना हथबंद क्षेत्र की 15 वर्ष 7 माह की नाबालिग 29 मार्च 2024 को अपने गांव से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर थाना हथबंद में अपराध क्रमांक 72/2024 के तहत धारा 363 भादवि में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। 2 अप्रैल 2024 को पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद किया। पीड़िता के बयान में सामने आया कि आरोपी सुरेन्द्र जांगड़े उर्फ रेन्चो उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद प्रकरण में धारा 366, 376(2)(एन), 376(3) भादवि तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6 जोड़ी गई।
प्रकरण की विवेचना निरीक्षक हेमंत पटेल ने की। जांच के दौरान पीड़िता और आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण कराया गया तथा एफएसएल सहित वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए गए। आरोपी का मोबाइल जब्त कर तकनीकी एवं डिजिटल साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया गया। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने के बाद पुलिस ने 6 जून 2024 को निर्धारित समयावधि के भीतर न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया।
मामले की सुनवाई के दौरान शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने पैरवी की। न्यायालय ने अभियोजन द्वारा प्रस्तुत गवाहों, मेडिकल रिपोर्ट, वैज्ञानिक एवं डिजिटल साक्ष्यों को आधार मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट की धारा 5(एल)/6 के तहत आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹500 के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 50 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा धारा 366 के तहत 5 वर्ष के कठोर कारावास व ₹100 अर्थदंड तथा धारा 363 के तहत 3 वर्ष के कठोर कारावास व ₹100 अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई। संबंधित अर्थदंड नहीं चुकाने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी आदेश में शामिल है।
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