CBN36 दुर्ग। शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे और डीमैट खाते में शेयर जमा करने का झांसा देकर 15 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को मोतीलाल ओसवाल का ब्रोकर और गोल्ड लोन कारोबारी बताकर प्रार्थी का विश्वास जीता। इसके बाद उसकी पत्नी के नाम डीमैट खाता खुलवाया और सीडीएसएल में शेयर जमा करने का भरोसा देकर फर्जी दस्तावेजों के सहारे 15 लाख रुपये ले लिए। शिकायत के बाद छावनी पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी यतेंद्र सिंह डहरिया उर्फ शिबू (33) को गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेशी के बाद आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, मैत्री नगर, रिसाली निवासी अभिषेक जैन ने 17 सितंबर को थाना छावनी में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार मार्च 2024 में यतेंद्र सिंह डहरिया ने शेयर ट्रेडिंग और गोल्ड लोन कारोबार से जुड़ा होने की बात कही। उसने प्रार्थी की पत्नी निकिता जैन के नाम डीमैट खाता खुलवाया। खाते में शेयर जमा करने का भरोसा दिलाते हुए आरोपी ने फर्जी दस्तावेज पेश किए और प्रार्थी से 15 लाख रुपये प्राप्त कर लिए।
भरोसा जीतकर बनाया पूरा जाल
आरोपी ने पहले कारोबारी पहचान बताकर प्रार्थी का भरोसा हासिल किया। इसके बाद डीमैट खाता खुलवाने से लेकर शेयर जमा करने तक की प्रक्रिया का भरोसा दिलाया। फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपनी बात पुख्ता दिखाकर उसने बड़ी रकम हासिल कर ली। रकम लेने के बाद शेयर जमा नहीं किए गए, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा।
गोल्ड लोन से जुड़ी शिकायत भी जांच के घेरे में
जांच के दौरान प्रार्थी के परिचित विक्की सिंह संधू, विश्वजीत सिकदार और माधव ताण्डी से जुड़े गोल्ड लोन के मामले के तथ्य भी सामने आए। पुलिस के अनुसार, गोल्ड लोन के लिए गिरवी रखे गए आभूषणों को अन्यत्र बेचकर धोखाधड़ी किए जाने संबंधी जानकारी भी शिकायत में सामने आई है। पुलिस इन तथ्यों की विवेचना कर रही है।
साक्ष्य जुटाकर आरोपी तक पहुंची पुलिस
छावनी पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मिले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी यतेंद्र सिंह डहरिया उर्फ शिबू की पहचान हुई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को दुर्ग न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
पुलिस ने कहा- वित्तीय लेन-देन में बरतें सावधानी
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग, डीमैट खाते और गोल्ड लोन से जुड़े लेन-देन में किसी व्यक्ति के दावों पर भरोसा करने से पहले उसकी अधिकृतता और दस्तावेजों की स्वतंत्र रूप से जांच करें। किसी भी संदिग्ध वित्तीय गतिविधि या धोखाधड़ी की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें।
प्रधान संपादक




