CBN36 रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार ने इस संबंध में गठित उच्च स्तरीय समिति के माध्यम से आम जनता, सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, विधि विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से 15 अक्टूबर 2026 तक सुझाव और अभिमत आमंत्रित किए हैं। इन सुझावों के आधार पर यूसीसी का प्रारूप तैयार कर राज्य सरकार को सौंपा जाएगा।
उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय समिति राज्य में समान नागरिक संहिता की आवश्यकता, उसकी रूपरेखा और वर्तमान व्यक्तिगत सिविल कानूनों का अध्ययन कर रही है। समिति में सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी शत्रुघ्न सिंह और एम.के. राऊत, वरिष्ठ अधिवक्ता मोहन पवार तथा सेवानिवृत्त प्राचार्या ज्योति रानी सिंह सदस्य हैं।
समिति विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और दत्तक ग्रहण जैसे विषयों से जुड़े मौजूदा कानूनों की समीक्षा करेगी। साथ ही अन्य राज्यों में लागू यूसीसी व्यवस्था का अध्ययन कर विभिन्न वर्गों से प्राप्त सुझावों को शामिल करते हुए विस्तृत ड्राफ्ट तैयार करेगी। इसके आधार पर राज्य सरकार को विधायी और प्रशासनिक अनुशंसाएं भी दी जाएंगी।
सरकार का दावा है कि उत्तराखंड के बाद छत्तीसगढ़ भी समान नागरिक संहिता लागू करने वाले राज्यों की सूची में शामिल होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। समिति ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे 15 अक्टूबर तक अपने सुझाव ई-मेल, वेब पोर्टल या डाक के माध्यम से भेजें।
सुझाव भेजने के माध्यम
- ई-मेल: ucc-chhattisgarh@cg.gov.in
- वेब पोर्टल: UCC छत्तीसगढ़ पोर्टल
- डाक: कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कमरा नंबर-202, रायपुर, छत्तीसगढ़-492001।
प्रधान संपादक



