रायगढ़। निवेश पर हर माह छह प्रतिशत रिटर्न और मूलधन वापसी का लालच देकर 1 करोड़ 77 लाख रुपये की ठगी करने वाले फरार आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को जांजगीर-चांपा जिले से पकड़कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा दरोगापारा निवासी संजय मिश्रा ने 30 मई 2026 को कोतवाली थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वर्ष 2022 में उनकी मुलाकात विश्वजीत देवनाथ से हुई थी। आरोपी ने स्वयं को एलईडी बल्ब निर्माण और शेयर मार्केट ट्रेडिंग व्यवसाय से जुड़ा बताते हुए निवेश पर प्रतिमाह छह प्रतिशत ब्याज और मूलधन वापसी का भरोसा दिलाया। आरोपी के भरोसे में आकर संजय मिश्रा ने बैंक से 12 लाख रुपये का ऋण लेकर निवेश किया। शुरुआती महीनों में आरोपी द्वारा भुगतान किए जाने से अन्य लोगों ने भी निवेश किया।
13 से अधिक लोगों से जुटाए 1.77 करोड़ रुपये
जांच में पता चला कि आरोपी ने संजय मिश्रा सहित 13 से अधिक निवेशकों से कुल 1 करोड़ 77 लाख 10 हजार रुपये जमा कराए थे। बाद में निवेशकों को संदेह हुआ कि आरोपी के पास शेयर ट्रेडिंग संबंधी आवश्यक दस्तावेज और डीमैट खाते का कोई प्रमाण नहीं है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
जांजगीर-चांपा से दबोचा गया आरोपी
अपराध क्रमांक 288/2026 के तहत दर्ज मामले की विवेचना के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी के खिलाफ जांजगीर-चांपा जिले के चांपा थाना में भी धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज है। इसके बाद कोतवाली पुलिस ने विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की और उसे जांजगीर-चांपा से गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में किया निवेश योजना संचालित करने का दावा
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह लोगों से निवेश लेकर विभिन्न बैंक खातों और ट्रेडिंग प्लेटफार्म के माध्यम से शेयर बाजार में राशि लगाता था। शुरुआती दौर में निवेशकों को भुगतान भी किया गया, लेकिन बाद में शेयर बाजार में नुकसान होने के कारण वह रकम वापस नहीं कर सका।
वित्तीय लेनदेन की जांच जारी
पुलिस ने आरोपी विश्वजीत देवनाथ (43) निवासी जिला नदिया, पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार कर लिया है। उसके बैंक खातों, ट्रेडिंग खातों और अन्य वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है। साथ ही निवेश नेटवर्क और अन्य संभावित तथ्यों की भी पड़ताल जारी है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि किसी भी निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले उसकी वैधता और दस्तावेजों का सत्यापन अवश्य करें तथा संदिग्ध मामलों की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी थाना में दें।
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