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June 9, 2026 6:06 pm

कैबिनेट के बड़े फैसले: पावर कंपनी का आएगा IPO, किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये सहायता, 240 ई-बसों के संचालन का रास्ता साफ

रायपुर, 09 जून 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, कृषि, ऊर्जा, परिवहन और खनन क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के आईपीओ को सैद्धांतिक मंजूरी देने के साथ ही किसानों के लिए कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को भी स्वीकृति प्रदान की।

पावर ट्रांसमिशन कंपनी का आएगा आईपीओ

मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग) के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध किए जाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की है। इस निर्णय से आम नागरिकों और निवेशकों को कंपनी की विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे कंपनी की वित्तीय क्षमता, संसाधन जुटाने की क्षमता और पारदर्शिता में वृद्धि होगी। कैबिनेट ने आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण करने के लिए कंपनी के संचालक मंडल को अधिकृत किया है।

किसानों को मिलेगा प्रति एकड़ 15 हजार रुपये का लाभ

कैबिनेट ने खरीफ 2026 से कृषक उन्नति योजना के नवीन स्वरूप को मंजूरी दी है। राज्य सरकार ने फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने और धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करने के उद्देश्य से धान के स्थान पर अन्य खरीफ फसलें लेने वाले किसानों को प्रोत्साहन देने का निर्णय लिया है।

योजना के तहत दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास की खेती करने वाले किसानों को प्रति एकड़ 15 हजार रुपये की आदान सहायता दी जाएगी। योजना का लाभ एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के आधार पर दिया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रदेश में दलहन और तिलहन फसलों का रकबा बढ़ेगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

पीडीएस के लिए चना खरीदी को मंजूरी

मंत्रिपरिषद ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में पात्र हितग्राहियों को चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने के लिए आवश्यक चना उपलब्ध कराने का निर्णय लिया। इसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को नेमल (NeML) के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अधिकतम 0.25 प्रतिशत या उससे कम सेवा शुल्क पर चना क्रय करने की अनुमति दी गई है।

इसके साथ ही वर्तमान व्यवस्था के तहत अप्रैल से जून 2026 तक तीन माह की अवधि वृद्धि का भी अनुमोदन किया गया है। इस निर्णय से खाद्य एवं पोषण सुरक्षा योजनाओं के तहत लाभार्थियों को चना वितरण बिना किसी बाधा के जारी रहेगा।

योग अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन

कैबिनेट ने योग विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। सरकार के अनुसार योग, आयुष प्रणाली का अभिन्न अंग है तथा इससे संबंधित शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण गतिविधियां राष्ट्रीय स्तर पर आयुष तंत्र के माध्यम से संचालित होती हैं।

इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान और प्रशासनिक समन्वय को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का रास्ता साफ

प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मंत्रिपरिषद ने पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म (पीएसएम) स्कीम के तहत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट (डीडीएम) की सहमति भारत सरकार को भेजने की अनुमति प्रदान की है।

इस निर्णय से रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा में स्वीकृत कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का मार्ग प्रशस्त होगा। इससे नागरिकों को आधुनिक, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और किफायती सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी। साथ ही शहरी क्षेत्रों में प्रदूषण कम करने और सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

नवा रायपुर में स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि बढ़ी

मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर प्रदान की जा रही स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है।

सरकार का कहना है कि इससे भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज होगी और नवा रायपुर अटल नगर में आधारभूत संरचना तथा विकास परियोजनाओं को गति मिलेगी।

खनिज नियमों में संशोधन, RFID टैग अनिवार्य

कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ खनिज (खनन, परिवहन तथा भंडारण) नियम, 2009 में संशोधन को मंजूरी दी है। संशोधन के तहत खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में आरएफआईडी टैग और वाहन ट्रैकिंग प्रणाली अनिवार्य की जाएगी।

इसके अलावा खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक आधारित व्यवस्था लागू होगी। भंडारण अनुज्ञापत्रधारियों से लिए जाने वाले भंडारण शुल्क और सिक्योरिटी डिपॉजिट में भी वृद्धि की गई है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत लाइसेंसधारियों को अतिरिक्त भूमि स्वीकृत करने तथा दो भंडारण लाइसेंसों के एकीकरण संबंधी प्रावधान भी लागू किए गए हैं।

सरकार का मानना है कि इन बदलावों से अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा, पारदर्शिता बढ़ेगी तथा राज्य के राजस्व में वृद्धि सुनिश्चित होगी।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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