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April 22, 2026 10:20 pm

ज्ञानभारतम् सर्वे को मिली रफ्तार, 31 मई तक पूरा करने के निर्देश

रायपुर, 22 अप्रैल 2026। ‘ज्ञानभारतम्’ राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान को तेज गति देते हुए मुख्य सचिव आईएएस विकासशील ने सभी जिलों को 31 मई तक सर्वेक्षण कार्य हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने कहा कि यह केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण का महत्वपूर्ण अभियान है।

बैठक में मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि शासकीय संस्थानों, मंदिरों, मठों, पुस्तकालयों, महाविद्यालयों तथा निजी संस्थानों में संरक्षित पांडुलिपियों के सर्वेक्षण के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास किए जाएं। उन्होंने विशेष रूप से परंपरागत समुदायों और पुरातात्विक क्षेत्रों में खोज पर जोर देते हुए कहा कि इन स्थानों पर महत्वपूर्ण ज्ञान-संपदा मिलने की संभावना अधिक है।

जनभागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से “पांडुलिपि ट्रेजर हंट” जैसे नवाचारों के आयोजन का सुझाव दिया गया, ताकि आम नागरिक भी इस अभियान से जुड़ सकें। बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए और अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई।

मुख्य सचिव गुप्ता ने प्रत्येक जिले में समिति गठन, नोडल अधिकारी की नियुक्ति तथा सर्वेक्षण दलों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही पांडुलिपियों की पहचान, दस्तावेजीकरण, डिजिटलीकरण एवं संरक्षण को प्राथमिकता देने की बात कही।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अभियान में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा स्थानीय पत्रकारों, साहित्यकारों, इतिहासकारों और जनप्रतिनिधियों को अभियान से जोड़ने पर बल दिया गया।

अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण के दौरान पांडुलिपियों के स्वामित्व अधिकारों का सम्मान किया जाएगा तथा बिना अनुमति किसी भी प्रकार का स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। सभी गतिविधियों में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में पर्यटन एवं संस्कृति एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अभियान की रूपरेखा, उद्देश्य और महत्व की जानकारी दी। पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति ने शोधकर्ताओं के सहयोग से दूरस्थ क्षेत्रों से भी महत्वपूर्ण पांडुलिपियों की जानकारी एकत्रित करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव डॉ. फरिहा आलम सिद्दीकी, संचालक संस्कृति विवेक आचार्य सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रवि शुक्ला
रवि शुक्ला

प्रधान संपादक

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