रायपुर CBN36।छत्तीसगढ़ में ग्रामीण महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार की ‘द्वीप्ति (DWEEPTI) योजना’ नई पहचान बना रही है। इस योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्य अब केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि सौर ऊर्जा उपकरणों की विक्रेता, तकनीशियन और उद्यमी के रूप में कार्य कर रही हैं। राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित करने, 50,000 हरित रोजगार सृजित करने तथा पांच लाख परिवारों और 10 हजार संस्थानों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने तकनीकी सहयोगी संस्था ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया के साथ मिलकर ग्रीन इकोनॉमी ट्रांजिशन मिशन के तहत यह नीति तैयार की है। विभाग का दावा है कि महिला नेतृत्व वाली विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा नीति अपनाने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बन गया है।
योजना के तहत छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) और जिला प्रशासन के सहयोग से 12 जिलों के 13 क्लस्टर स्तरीय महासंघों (सीएलएफ) को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का अधिकृत सोलर वेंडर बनाया गया है। महिलाओं को सोलर संयंत्रों की स्थापना, संचालन और रखरखाव का प्रशिक्षण देकर ‘सोलर दीदी’ के रूप में तैयार किया जा रहा है, ताकि वे अपने क्षेत्रों में तकनीकी सेवाएं उपलब्ध करा सकें।
सरकार का कहना है कि स्व-सहायता समूहों से जुड़े परिवारों को आसान किश्तों पर ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे सौर ऊर्जा अपनाने के साथ महिलाओं के लिए टिकाऊ स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। योजना को प्रधानमंत्री के ‘लखपति दीदी’ विजन से भी जोड़ा गया है।
कबीरधाम बना मॉडल जिला

द्वीप्ति योजना का सबसे प्रभावी क्रियान्वयन फिलहाल कबीरधाम जिले में देखने को मिल रहा है। यहां जिला पंचायत (बिहान) ने वंदे मातरम् क्लस्टर लेवल फेडरेशन को अधिकृत सोलर वेंडर के रूप में पंजीकृत कराया है। टाटा के तकनीकी सहयोग से 35 महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
योजना के तहत पहला रूफटॉप सोलर संयंत्र समनापुर गांव में स्थापित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली महिला अंजनी पटेल ने कहा कि इससे ग्रामीण महिलाओं के लिए स्थायी आय का नया माध्यम तैयार हुआ है।
कलेक्टर गोपाल वर्मा के अनुसार रूफटॉप सोलर सिस्टम की बढ़ती मांग से प्रशिक्षित महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं। वहीं, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले में अब तक 40 से अधिक रूफटॉप सोलर सिस्टम के ऑर्डर मिल चुके हैं और कई संयंत्र स्थापित भी किए जा चुके हैं।
एक नजर में द्वीप्ति योजना

- पांच वर्षों में 5,000 महिला ऊर्जा उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य।
- 50,000 हरित रोजगार सृजित होंगे।
- पांच लाख परिवारों तक स्वच्छ ऊर्जा पहुंचाने की योजना।
- 10,000 संस्थानों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य।
- 12 जिलों के 13 क्लस्टर स्तरीय महासंघ अधिकृत सोलर वेंडर बने।
- कबीरधाम में 35 महिलाओं को ‘सोलर दीदी’ के रूप में प्रशिक्षित किया गया।
- जिले में रूफटॉप सोलर सिस्टम के 40 से अधिक ऑर्डर प्राप्त।
प्रधान संपादक



