जशपुर CBN 36।जशपुर की विशेष अदालत ने विवाह का झूठा झांसा देकर दुष्कर्म करने के मामले में आरोपी मनोज कुमार पाण्डेय (44), निवासी बाराकाल, जिला सतना (मध्यप्रदेश) को दोषी ठहराते हुए सात वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी पर एक हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह फैसला विशेष न्यायाधीश (अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम) सत्येंद्र कुमार साहू ने 23 जुलाई 2026 को सुनाया।
अभियोजन के अनुसार, पीड़िता और आरोपी की पहचान वर्ष 2024 में एक निजी कंपनी में साथ काम करने के दौरान हुई थी। आरोपी ने स्वयं को अविवाहित बताते हुए पीड़िता से प्रेम संबंध बनाए और विवाह का झूठा वादा किया। उसके भरोसे में आकर पीड़िता उसके साथ रहने लगी।
जांच में सामने आया कि 7 मार्च 2024 से 8 मई 2025 के बीच आरोपी ने कुनकुरी और राजनांदगांव में विभिन्न स्थानों पर विवाह का भरोसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। इस दौरान वह पीड़िता के साथ पति-पत्नी की तरह रहा और उससे जन्मे बच्चे को अपना नाम भी दिया। बाद में पीड़िता को पता चला कि आरोपी पहले से विवाहित है और उसके बच्चे भी हैं। इसके बाद भी वह विवाह का आश्वासन देता रहा, लेकिन अंततः विवाह और साथ रखने से इनकार कर दिया।
पीड़िता की शिकायत पर थाना कुनकुरी में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 69 तथा एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने गवाहों के बयान, दस्तावेजी और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाकर समय-सीमा में आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी माना। अदालत ने बीएनएस की धारा 69 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास एवं एक हजार रुपये अर्थदंड तथा एससी-एसटी अधिनियम की धारा 3(2)(अ) के तहत तीन माह के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
प्रकरण की विवेचना उप पुलिस अधीक्षक भावेश समरथ ने की। न्यायालय में जिला अभियोजन अधिकारी सुरेश कुमार साहू, एडीपीओ विपिन शर्मा और विशेष लोक अभियोजक अजीत रजक ने अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी की।
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